हथियार छोड़ने पर नक्सल संगठनों में दो-फाड़; न सरेंडर करेंगे, न पीछे हटेंगे

हथियार छोड़ने और युद्ध विराम की घोषणा के बयान पर नक्सलियों में दो-फाड़ हो गया है। नक्सल संगठन की केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय के जारी बयान में हथियार छोड़ने और युद्ध विराम की घोषणा को तेलंगाना स्टेट कमेटी के नक्सलियों ने सिरे से खारिज कर दिया है। नक्सलियों की भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की तेलंगाना स्टेट कमेटी के प्रवक्ता ने प्रेसनोट जारी कर कहा है कि सेंट्रल कमेटी के प्रवक्ता सोनू ने अभय के नाम से युद्ध विराम की जो घोषणा की है, वह नक्सली संगठन की नहीं, बल्कि अभय की निजी राय है। हम न सरेंडर करेंगे और न ही पीछे हटेंगे। स्टेट कमेटी के प्रवक्ता ने कहा, भाजपा सरकार नक्सलवाद को खत्म करने की योजना बना रही है, जिसके चलते बड़े पैमाने पर ऑपरेशन लॉन्च करते हुए नक्सलियों को मारा जा रहा है। इसी साल मार्च में कुछ बुद्धिजीवियों ने एक शांतिवार्ता समिति का गठन करते हुए सरकार और नक्सलियों के बीच वार्ता का प्रस्ताव रखा था। नक्सलियों की वार्ता की पेशकश पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने दो-टूक कहा कि नक्सलियों की मांग क्या है, यह स्पष्ट नहीं है। बंदूक की नोंक पर सत्ता हासिल करने के लिए खूनखराबा करने वालों पर भरोसा कैसे कर सकते हैं। नक्सलियों ने कहा था- हथियार छोड़ मुख्यधारा में जुड़ेंगे माओवादी केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय ने पत्र जारी कर कहा था कि बदली हुई परिस्थिति में हम हथियार छोड़कर बातचीत के लिए तैयार हैं। हम चाहते हैं कि अब जंगलों में खून न बहे। जंगलों में शांति कायम हो। भविष्य में हम जन समस्याओं, तमाम राजनीतिक पार्टियों एवं संघर्षरत संस्थाओं के साथ जहां तक हो सके, कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेंगे।

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