MLA-अधिकारियों ने नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने अस्थाई रपट बनाई:रुपए जमा कर 2 दिन में निर्माण किया, 4 गांवों को मिली राहत

पाली में हुई तेज बरसात से नदी पर बनी रपट क्षतिग्रस्त हो गई। वर्तमान भी नदी पर एक से दो फीट तक पानी बह रहा है। ऐसे में स्कूल जाने वाले बच्चों को खासकर परेशानी हो रही है। रपट पार करते समय वे हादसे का शिकार न हो जाए इसका भी डर बना रहता है। परेशान 4 गांव के ग्रामीणों ने मारवाड़ जंक्शन MLA केसाराम चौधरी, सरपंच ममता देवी से लेकर अधिकारियों से कई बार रपट दुरुस्त करवाने की फरियाद की लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। आखिर परेशान ग्रामीणों ने अपने स्तर पर रुपए एकत्रित किए और महज 2 दिन में रपट पर अस्थाई रपट बना दी। आज बच्चों से लेकर बड़े आराम से नदी क्रॉस कर आ-जा रहे हैं। मामला पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन विधानसभा क्षेत्र का है। ओमाजी का ओढ़ा से थल गांव की तरफ जाने वाले रास्ते पर कंटालिया नदी आती है। कंटालिया बांध ओवरफ्लो होने से नदी की रपट पर अभी भी एक से दो फीट पानी बह रहा है। रपट क्षतिग्रस्त हो चुकी है। ऐसे में क्षतिग्रस्त रपट पर बहते बरसाती पानी से होकर गुजरने के दौरान ग्रामीण या स्कूली स्टूडेंट हादसे का शिकार न हो जाए। इसलिए ग्रामीणों ने मारवाड़ जंक्शन MLA केसाराम चौधरी, सरपंच ममता देवी से लेकर जिम्मेदार अधिकारियों को रपट दुरुस्त करवाने के लिए कही बार कहा। लेकिन सभी जगह से सिर्फ आश्वासन मिला। बैठक कर लिया निर्णय
रपट दुरुस्त करने को लेकर जब सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने बैठक की। जिसमें निर्णय लिया कि अपने स्तर पर रुपए एकत्रित करेंगे और अस्थाई रपट का निर्माण करेंगे। जिससे आसानी से आ जा सके। फिर किया था। बुधवार-गुरुवार (17-18 सितम्बर) को जेसीबी की मदद से ग्रामाणी ने मिट्टी डालकर अस्थाई रपट बनाई। उस रपट के नीचे पाइप भी लगाए ताकि रपट के कारण पानी रुके नहीं। इस काम में रंजीत सिंह, सज्जन सिंह, भोला सिंह, चीतू सिंह, हेमाराम चौधरी सहित कई ग्रामीणों ने सक्रिय भूमिका निभाई। ग्रामीणों ने की पूल निर्माण की मांग
ग्रामीण हेमाराम चौधरी ने कहा कि अस्थाई रपट बनाने से ओमाजी को ओढ़ा, थल, बोरीमादा के रावतों का मुडिया, बंजारों का मुडिया, सुरावास, कंटालिया के ग्रामीणों को फायदा हो रहा है। अस्थाई रपट बनने से करीब 50 स्टूडेंट को स्कूल आने-जाने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मेरी भी तीन बेटियां है। एक कंटालिया और 2 थल स्कूल जाती है। अस्थाई रपट बनने से अब उनके हादसे का शिकार होने का डर नहीं रहा। अब हमारी मांग है कि सुरावास और थल गांव के बीच पूल का निर्माण हो।

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