प्रदेश स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में बोले पूर्व सांसद उदित राज:आज मजदूर वर्गों को ही बार-बार मुसलमानों का डर दिखाया जा रहा है, हिंदू-मुस्लिम की बजाय हक की लड़ाई लड़ने की जरूरत

असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस छत्तीसगढ़ (केकेसी) के बैनर तले रविवार को दुर्ग जिला कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में प्रदेश स्तरीय श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में केकेसी के राष्ट्रीय चेयरमैन और पूर्व सांसद डॉ. उदित राज शामिल हुए। उन्होंने मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि कई बार मजदूर भी भ्रमित हो जाता है। हिंदू और मुसलमान के चक्कर में ज्यादा आ जाता है। उसका धर्म ज्यादा खतरे में हो जाता है। मुसलमानों का डर बार-बार दिखाया जाता है। धर्म की राजनीति से आना होगा बाहर
पूर्व सांसद उदित राज ने कहा कि प्रदेश में फिलहाल 429 रुपए दैनिक मजदूरी तय है। जब कांग्रेस सरकार थी, उस वक्त भवन निर्माण मजदूरों के लिए 442 करोड़ रुपए का कोष जमा था, लेकिन आज तक मजदूरों को उसका लाभ नहीं मिल पाया। आज मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा हिंदू-मुसलमान की बहस में फंस रहे हैं। उसे बार-बार धर्म खतरे में बताया जाता है। मुसलमानों का डर दिखाकर मजदूरों को गुमराह किया जाता है। लेकिन असली जरूरत है कि मजदूर एकजुट होकर अपने हक की लड़ाई लड़े। वोट चोरी की सजा आज पूरे राज्य को मिल रही है : बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज पूरे देश में राहुल गांधी ने वोट चोरी का खुलासा कर बता दिया है कि बीजेपी किस तरह सत्ता में आ रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी जब वोटों की गिनती हुई, बीजेपी जीत गई। लेकिन जब हमने गांव-गांव का दौरा किया तो सभी ने कहा कि हमने कांग्रेस को वोट दिया था। आखिर हमारा वोट कहां गया? आज वोट चोरी का नतीजा है कि राज्य में बिजली दर बढ़ा दी गई है। स्कूल बंद हो रहे हैं। शिक्षक, डॉक्टर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हड़ताल कर रहे हैं। आयुष्मान कार्ड से इलाज नहीं हो रहा। हर वर्ग आंदोलन की राह पर है, लेकिन सरकार आंख मूंदकर बैठी है। शेषनाग पर आराम कर रही है और लक्ष्मी जी पैर दबा रही हैं। संस्कृति और मजदूर विरोधी है सरकार : दीपक बैज
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति बोरे-बासी की परंपरा को जिंदा रखने का काम भूपेश बघेल ने किया था। मजदूर दिवस पर इसे सरकारी मान्यता दी गई थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि ये सरकार हमारी संस्कृति और परंपराओं को खत्म करने पर आमादा है। हमारी योजनाओं को बंद कर दिया गया है। यहां तक कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति से जुड़ी छुट्टियां भी रद्द कर दी गईं। आदिवासी समाज के मसीहा और देवता कहने वाले नेता सत्ता में आने के बाद सबसे ज्यादा आदिवासी और मजदूरों को ही सता रहे हैं। किसान, शिक्षक, कर्मचारी, मजदूर सभी आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार किसी की नहीं सुन रही। कांग्रेस के पदाधिकारी रहे मौजूद
सम्मेलन में बड़ी संख्या में असंगठित श्रमिकों और कर्मचारियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, असंगठित कामगार कर्मचारी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक बोरकर, पूर्व विधायक दुर्ग अरुण वोरा, दुर्ग ग्रामीण जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर, राजनांदगांव से गिरिश देवांगन, भिलाई जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर और धीरज बाकलीवाल समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

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