दावा: एनएचएम ने ज्वाइन की ड्यूटी
हकीकत: कई केंद्रों में लटके रहे ताले महीनेभर से हड़ताल पर डटे एनएचएम कर्मचारियों ने शुक्रवार देर शाम हड़ताल खत्म कर दी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पदाधिकारियों से मुलाकात कर इसकी घोषणा की थी। इसके बाद शनिवार को भास्कर ने शहर के स्वास्थ्य केंद्रों की पड़ताल की। पता चला कि, अधिकतर स्वास्थ्य केंद्रों का हाल जस का तस है। हमर क्लीनिकों और यूपीएचसी में ताले लटके मिले। जो खुले थे वहां एक दो स्टाफ ही क्लीनिक सम्हाल रहे थे। सीएचसी में कुछ रेगुलर डॉक्टर थे, लेकिन वहां स्टाफ नर्स और बाकी फार्मासिस्ट आदि गायब मिले। स्टाफ ने बताया कि, शनिवार को सभी ने ज्वानिंग ली है। अब सोमवार से ही सारी व्यवस्थाएं सही हो पाएगी। 1. त्रिमूर्ती नगर @ सुबह 10 बजे
त्रिमूर्ती नगर के सामुदायिक भवन में संचालित हमर क्नीलिक बंद मिला। यहां कुल 5 स्टाफ की स्वीकृति है, लेकिन अब तक एक भी स्टाफ क्लीनिक खोलने भी नहीं पहुंचा है। आसपास बैठे लोगों ने बताया कि, अस्पताल 1 माह से बंद पड़ा है। उन्होंने कहा कि यहां पहले कुछ दवाइयां और बीपी शुगर की जांच आदि सुविधाएं मिल जाती थी, लेकिन महीने भर से अस्पताल बंद होने के चलते अब सुविधाएं नहीं मिल रही है। 2. भनपुरी @ सुबह साढ़े 9 बजे टीम भनपुरी बाजार चौक स्थित हमर अस्पताल पहुंची। यहां एक ही रेगुलर स्टाफ नर्स ड्यूटी पर थी। ना यहां डॉक्टर थे, ना ही फार्मासिस्ट, ना ही कोई अन्य स्टाफ। पता चला कि अभी एनएचएम कर्मचारियों ने ज्वाइनिंग नहीं ली है। आज सीएमएचओ जाकर ज्वाइनिंग लेंगे। 3. देवेंद्र नगर @ साढ़े 10 बजे
टीम एफएसआई गोदाम के सामने स्थित सामुदायिक भवन के एक कमरे में संचालित हमर क्लीनिक पहुंची। यहां ताला लटका हुआ था। 4.राजातालाब @ सुबह 11 बजे यहां 2-3 मरीज और 2 रेगुलर स्टाफ बैठे हुए हैं। स्टाफ से पूछने पर पता चला कि, यहां कुल 25 स्टाफ हैं। सभी एनएचएम के कर्मचारी एक माह से हड़ताल पर हैं। शनिवार को सभी ज्वाइन करेंगे। लेकिन सभी सोमवार से अस्पताल आएंगे। 5. भाठागांव @ सुबह 12 बजे
यहां चिकित्सा अधिकारी डॉ. उपाध्याय मिले। इन्होंने बताया कि कर्मचारियों ने ज्वाइनिंग नहीं ली थी। सोमवार से ओपीडी चलेगी। सोमवार से खुल जाएंगे सभी स्वास्थ्य केंद्र एनएचएम के कर्मचारियों ने ज्वाइनिंग ले ली है। शनिवार से ही कुछ स्टाफ ड्यूटी ज्वाइन कर चुके हैं। सोमवार से सभी स्वास्थ्य केंद्र खुलेंगे। मरीजों को सभी सुविधाएं मिलेंगी। – मिथिलेश चौधरी, सीएचएमओ, रायपुर


