कोडरमा| कैंब्रिज टीचर ट्रेनिंग कॉलेज में डीएलएड में निर्धारित सीट से अधिक बच्चों का नामांकन लिए जाने का मामला एसडीओ की जांच में सत्य पाया गया है। अब इस मामले में एसडीओ रिया सिंह ने अपनी जांच रिर्पोट उपायुक्त को सौंपते हुए इसकी विस्तृत जांच की अनुशंसा की है। गौरतलब हो कि नामांकन फर्जीवाड़ा मामले में गत दिनों एसडीएम रिया सिंह की मौजूदगी में कॉलेज प्रबंधन और छात्रों की सुनवाई के दौरान छात्रों द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों और गवाही ने कॉलेज प्रशासन की पोल खोल दी। एसडीएम की जांच में स्पष्ट हो चुका है कि कॉलेज प्रबंधन के द्वारा जानबूझकर निर्धारित सीट से अधिक बच्चों का नामांकन किया गया है। साथ ही छात्रों को जानबूझकर परीक्षा से वंचित किया गया और बाद में उन्हें गलत ठहराने की कोशिश की गई। कॉलेज प्रबंधन द्वारा वही ठगी के शिकार हुए बच्चों का कहना है कि उनके कीमती तीन साल को कौन वापस करेगा। ज्ञात हो कि सत्र 2023-25 में कॉलेज के द्वारा निर्धारित 50 सीट की जगह करीब 100 से अधिक बच्चों का नामांकन किया गया था। बाद में फाइनल परीक्षा के लिए जब छात्र पहुंचें तो उन्हें एडमिट कार्ड नही दिया गया। जिसके बाद इस मामले को लेकर छात्रों ने आंदोलन किया था। कॉलेज प्रशासन लंबे समय से नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। एक ही कैंपस में बिना अलग फैकल्टी डीएलएड, बीएड और नर्सिंग कॉलेज संचालित किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, कल्याण विभाग द्वारा छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति की राशि का भी बड़ा घोटाला प्रबंधन ने किया है। ऐसे में यह मामला केवल एडमिशन घोटाले तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा के नाम पर वर्षों से चल रहे करोड़ों के फर्जीवाड़े की ओर इशारा करता है। अगर गहन जांच हुई तो कॉलेज प्रशासन के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और जालसाजी के कई संगीन मामले सामने आ सकते हैं।


