छत्तीसगढ़ में डोंगरगढ़ की प्रसिद्ध मां बम्लेश्वरी धाम में शारदीय नवरात्र की तैयारियां पूर्ण हो गई हैं। नवरात्र 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। मंदिर तक पहुंचने के लिए 1 हजार से अधिक सीढ़ियां हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोपवे सेवा भी उपलब्ध है। मंदिर ट्रस्ट ने इस साल ऊपर वाले मंदिर में 8 हजार, नीचे वाले मंदिर में 901 और शीतला माता मंदिर में 61 ज्योति कलश जलाने की व्यवस्था की है। वहीं, ज्योत कलश जलाने विदेशी भक्तों ने भी बुकिंग की है। डोंगरगढ़ में भीड़ के दौरान भगदड़ से बचने और चलने के लिए जिगजैग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 10 एक्सप्रेस ट्रेनों को डोंगरगढ़ में स्टॉपेज दिया गया है। मंदिर में ये विशेष इंतजाम श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। छिरपानी में पार्किंग की व्यवस्था है। मंदिर मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। एसी वेटिंग हॉल, पेयजल और चिकित्सा बूथ की सुविधाएं उपलब्ध हैं। रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी मात्र आधा किलोमीटर है। नवरात्र के दौरान मेले में झूले, खाने-पीने की दुकानें भी लगेंगी। राजा की तपस्या से हुआ मां प्रकट हुई थी मंदिर परिसर में बड़ी बम्लेश्वरी, छोटी बम्लेश्वरी और रणचंडी मंदिर स्थित हैं। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी के दरबार में अपनी आस्था अर्पित करेंगे। प्राचीन काल में यह क्षेत्र कामावती नगरी के नाम से जाना जाता था। मान्यता है कि राजा कामसेन की तपस्या से मां बम्लेश्वरी यहां प्रकट हुई थीं।


