बांसवाडा में बारिश थमने से सूखने लगी फसलें:किसानों की मेहनत हो रही बर्बाद, मजबूरी में चला रोटावेटर

बांसवाड़ा में बारिश थमने से खेतों में खड़ी फसलें अब सूखने लगी हैं। हालात इतने बिगड़ गए कि किसानों को समय से पहले ही रोटावेटर चलाकर फसल मिट्टी में मिलानी पड़ रही है। ठीकरिया निवासी किसान डूंगर पुत्र नाथ परमार ने पलोदरा स्थित सियापुर पटवार मंडल में अपनी 7 बीघा जमीन पर सोयाबीन की फसल बोई थी। चलाना पड़ा रोटावेटर ठिकरिया निवासी किसान डूंगर पुत्र नाथ परमार ने पलोदरा स्थित सियापुर पटवार मंडल में अपनी 7 बीघा जमीन पर सोयाबीन की फसल बोई थी। डूंगर परमार ने बताया, “शुरुआत में लगातार अच्छी बारिश हुई, लेकिन बाद में अचानक बारिश थम जाने से फसल की ग्रोथ रुक गई। हरे-भरे पौधे धीरे-धीरे पीले पड़कर सूखने लगे। हालत यह हो गई कि करीब 5 बीघा खेत में उन्हें मजबूरी में रोटावेटर चलाकर फसल नष्ट करनी पड़ी। किसानों की मेहनत हो रही बर्बाद किसान डूंगर परमार का कहना है कि इस बार मौसम की मार सबसे ज्यादा किसानों को झेलनी पड़ रही है। समय पर बारिश रुकने से खेतों में नमी खत्म हो गई है और फसल की जड़ें सूखने लगी हैं। ऐसे में किसानों की मेहनत और खर्च पूरी तरह बर्बाद हो रहे हैं। परमार ने कहा कि पिछले साल बेहतर उत्पादन हुआ था, लेकिन इस बार उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं। सात दिन में बारिश नहीं हुई तो फसल ख़राब ग्रामीण किसानों ने आशंका जताई है कि यदि अगले सात दिनों में बारिश नहीं हुई, तो इलाके में खड़ी फसल पूरी तरह ख़राब हो जाएगी। ऐसी स्थिति में किसान भारी आर्थिक संकट का सामना करेंगे। प्रशासन से मुआवजे की मांग किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का सर्वे कराकर जल्द से जल्द मुआवजा दिलवाया जाए, ताकि अगली फसल की तैयारी की जा सके। किसानों का कहना है कि मौसम की बेरुखी से खेतों में पसरी वीरानी उनकी बेबसी को बयां कर रही है। अगर समय पर बारिश नहीं हुई तो परिश्रम की पूरी पूंजी मिट्टी में मिल जाएगी।

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