वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अरपा नदी के उद्गम स्थल के संरक्षण और विकास के लिए 12.53 करोड़ रुपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी है। इस परियोजना के लिए पहले 7.88 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे। यह निर्णय उद्गम स्थल की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित करेगा। इससे पर्यटन और स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। बिलासा कला मंच के अध्यक्ष और अरपा बचाओ अभियान के संयोजक डॉ. सोमनाथ यादव ने कहा कि इस निर्णय से क्षेत्र की कला और संस्कृति को नई पहचान मिलेगी। नगर पालिका पेंड्रा के अध्यक्ष राकेश जालान ने बताया कि पहले अरपा उद्गम को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें हुईं। यहां तक कि उद्गम स्थल के बोर्ड भी हटाए गए। लेकिन नगर पालिका ने समय-समय पर इसे संरक्षित किया। अरपा उद्गम स्थल बचाओ संघर्ष समिति के संरक्षक राम निवास तिवारी ने कहा कि वे लंबे समय से इसके संरक्षण की मांग कर रहे थे। समिति के संयोजक अक्षय नामदेव और सदस्य नीरज जैन ने बताया कि लंबे संघर्ष और उच्च न्यायालय बिलासपुर के हस्तक्षेप से अरपा उद्गम को नया जीवन मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से रोजगार, पर्यटन और सामाजिक चेतना को मजबूती मिलेगी।


