अगर कोई लड़की नौकरी की वजह से आपसे शादी कर रही है और रिजल्ट नहीं निकलने पर ही आपको छोड़ देगी तो अच्छा होगा, आप उससे समय रहते ही पीछा छुड़ा लो, नहीं तो बाद में किसी वजह से छोड़ सकती है। शादी के सपने बहुत हसीन होते हैं, मगर हकीकत से बहुत परे होते हैं। …ये सुझाव राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने ट्वीट के जरिए एक कैंडिडेट को दिया है। कनिष्ठ अनुदेशक भर्ती परीक्षा के 20 में से 12 ट्रेड्स की भर्तियों के फाइनल रिजल्ट्स निकल चुके हैं। बचे हुए 8 का 17 से 19 सितंबर तक निकालने की घोषणा की गई थी। रिजल्ट नहीं निकलने पर एक अभ्यर्थी ने सोशल मीडिया पर आलोक राज से सवाल किया है। अब पढ़िए स्टूडेंट्स के सवाल और अध्यक्ष के जवाब चेतन नाम के स्टूडेंट ने लिखा- सर कनिष्ठ अनुदेशक के बाकी रिजल्ट सोमवार तक खींच के पटक दो। आपके आशीर्वाद से मालिक शादी का जुगाड़ हो जाएगा। इस पर आलोक राज ने रिप्लाई करते हुए ट्वीट किया। चेतन लाइफ एंजॉय कर लो। शादी के सपने बहुत हसीन होते हैं, मगर हकीकत से बहुत परे होते हैं। मुझे लगता है, आप भी बाकी सब जैसे लड्डू खाकर पछताना चाहते हो। बहरहाल, हम बहुत जल्दी आपका रिजल्ट निकाल देंगे, मगर आप जीवनसंगिनी चुनो, तो बाहरी खूबसूरती के बजाय आंतरिक वैल्यूज को महत्व देना। अध्यक्ष के जवाब के बाद चेतन ने वापस ट्वीट किया। सर इग्नोर मत करो मालिक, वेल्डर ट्रेड कनिष्ठ अनुदेशक रिजल्ट क्यों नहीं आया। सोचा था सबके साथ हम लोगों का भी रिजल्ट आ जाएगा। लेकिन आप ने एकमात्र वेल्डर ट्रेड का रिजल्ट जारी नहीं किया है। आपने तो शादी के सपने तोड़ दिए। इस पर आलोक राज ने लिखा- चेतन जी, यदि आपकी मंगेतर आपसे नौकरी की वजह से ही शादी कर रही है और आपके रिजल्ट न निकलने पर ही आपको छोड़ देगी। तो अच्छा होगा पीछा छुटा लो, नहीं तो बाद में भी किसी और वजह से छोड़ सकती है। फिलहाल किसी वजह से वेल्डर ट्रेड का रिजल्ट रह गया। कल जारी करवाने का प्रयास करेंगे। भर्ती मेले में आप शामिल हो। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने पिछले साल अलग-अलग ट्रेड के लिए कनिष्ठ अनुदेशक सीधी भर्ती परीक्षा निकाली थी, जिसकी परीक्षा इसी साल जनवरी में कराई गई थी। इनमें मैकेनिकल, मोटर व्हीकल, वेल्डर, प्लम्बर, कॉस्मेटॉलोजी, टर्नर, और सुईंग टेक्नोलॉजी जैसे ट्रेड शामिल थे। इनमें से कुछ के रिजल्ट बोर्ड की ओर से जारी कर दिए गए थे। कुछ भर्ती परीक्षाओं के रिजल्ट जारी नहीं हुए थे। इसकी मांग को लेकर पिछले लंबे वक्त से सोशल मीडिया पर युवाओं ने अभियान छेड़ रखा था।


