धौलपुर में रविवार को अमावस्या के दिन पितृ पक्ष का समापन हुआ। चंबल नदी पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पितरों को जल अर्पित कर पिंडदान किया। दोपहर में ब्राह्मण भोजन का आयोजन किया गया। लाडली जगमोहन मंदिर के महंत कृष्ण दास ने बताया कि पितृपक्ष 7 सितंबर से शुरू हुआ था। 16 दिनों तक चले इस पर्व में सनातन धर्मावलंबियों ने अपने पूर्वजों का तर्पण किया। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में देवलोक से पूर्वज धरती पर आते हैं। पितरों का तर्पण और पिंडदान करने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। चंबल और पार्वती नदी पर सुबह 6 बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। आचार्यों और विद्वानों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ तर्पण कराया। पितृपक्ष के अंतिम दिन ब्राह्मण भोजन के साथ कौए और गाय को भी भोजन कराने की परंपरा है। 16 दिनों तक रुके मांगलिक कार्य अब शुरू होंगे। 22 सितंबर से शारदीय नवरात्र का आरंभ हो रहा है। शहरों से लेकर गांव-ढाणियों तक में देवी मां की प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। श्रद्धालुओं में नवरात्र को लेकर विशेष उत्साह दिख रहा है।


