मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर में अमावस्या के अवसर पर रविवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर में भगवान सांवरा सेठ के दर्शन करने पहुंची। दिनभर मंदिर परिसर में लंबी कतारें लगी रही और भक्तों के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। इस खास मौके पर भगवान का विशेष श्रंगार किया गया। पुजारी ओसरा परिवार के अमित और विशाल वैष्णव ने भगवान को गंगाजल से स्नान करवाया। इसके बाद उन्हें सोने की पोशाक पहनाई गई और केसर-चंदन का तिलक लगाकर गुलाब के फूलों व नोटों की मालाएं अर्पित की गईं। भगवान को तुलसी गुच्छ भी अर्पित किया गया। शाम को महाप्रसादी और विशेष भोग का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। अमावस्या के अवसर पर आसपास के गांवों से श्रद्धालु पदयात्रा कर सुबह जल्दी ही मंदिर पहुंचने लगे। दिन चढ़ते ही मध्य प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न हिस्सों से भी भक्त बड़ी संख्या में पहुंचे। डीजे की धुन पर नाचते-गाते श्रद्धालु ध्वज लहराते हुए मंदिर पहुंचे। भक्तों की भीड़ से मंदिर परिसर और कस्बे के बाजारों में पूरे दिन चहल-पहल बनी रही। बाल भोग प्रसाद काउंटरों पर भी लंबी कतारें देखने को मिलीं। मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए। भदेसर डीवाईएसपी अनिल शर्मा और मंडफिया थाना प्रभारी गोकुल डांगी के नेतृत्व में यातायात और पार्किंग व्यवस्था संभाली गई। भीड़ को देखते हुए कस्बे में वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया और वाहनों को दूर स्थित पार्किंग स्थलों पर ही रोका गया। मंदिर मंडल की व्यवस्थाएं अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव और मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं एडीएम प्रशासन प्रभा गौतम के निर्देशन में चलाई गईं। सुरक्षा की जिम्मेदारी गुलाब सिंह, मंदिर प्रभारी भेरू गिरी गोस्वामी और सहायक सुरक्षा प्रभारी सुरेश चंद्र नंगारची के पास रही। महाप्रसादी सहित अन्य तैयारियों का निरीक्षण प्रशासनिक अधिकारी प्रथम शिव शंकर पारीक और प्रशासनिक अधिकारी द्वितीय लेखाकार राजेंद्र सिंह ने किया और समय-समय पर दिशा-निर्देश दिए। शाम को देवकी सदन धर्मशाला में महाप्रसादी का आयोजन हुआ और नई धर्मशाला में ब्रह्मभोज रखा गया। इसमें दूर-दराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने मिलकर प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर क्षेत्र में दिनभर धार्मिक उल्लास का माहौल बना रहा।


