नवरात्र में मां लटियाल की विशेष पूजा:सुबह 6:30 से रात तक होंगे धार्मिक अनुष्ठान, शतचंडी यज्ञ 9 दिन चलेगा

शारदीय नवरात्र की शुरुआत सोमवार से हो रही है। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों कल घरों में कलश स्थापना होगी। मां लटियाल मंदिर में सुबह घट स्थापना के बाद गणपति पूजा, माता पूजन और शैलपुत्री की महापूजा होगी। मंदिर के पुजारी भगवती लाल शर्मा के अनुसार दोपहर 2 बजे हवन यज्ञ और शाम 6 बजे आरती होगी। घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:30 से 8 बजे तक है। इसके अलावा सुबह 9:32 से 11 बजे तक और दोपहर 12:06 से 12:54 बजे तक भी शुभ समय है। आचार्य सुरेश बोहरा ने बताया कि मंदिर में शतचंडी यज्ञ का शुभारंभ होगा। यह यज्ञ पूरे नौ दिन चलेगा। इस बार नवरात्रि 10 दिनों की होगी। प्रतिदिन मां का पुष्पों से नया श्रृंगार होगा और तीन समय आरती होगी। फलोदी में मां लटियाल मंदिर सहित अन्य मंदिरों में विशेष पूजन-अर्चना और भजन संध्याएं होंगी। ओसियां, लोहावट और देचू के मंदिरों में भी विशेष तैयारियां की गई हैं। बाजारों में पूजा सामग्री, चुनरी, नारियल और कलश की दुकानों पर भीड़ है। नवरात्र में श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करेंगे। घरों में अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाएगी। नौ दिनों तक दुर्गा सप्तशती का पाठ और आरती होगी। महिलाएं और युवतियां गरबा व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी में जुटी हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *