धान की नमी को लेकर प्रशासन और किसान आमने-सामने:लुधियाना डीसी ने कटाई की सीमा की तय, यूनियन ने मांगी छूट

लुधियाना जिले में धान की नमी को लेकर प्रशासन और किसानों के बीच मतभेद सामने आया है। उपायुक्त हिमांशु जैन ने किसानों से अनाज मंडियों में केवल 17 प्रतिशत या उससे कम नमी वाला धान लाने की अपील की है। दूसरी ओर भारतीय किसान यूनियन डकोदा ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए नमी में छूट की मांग की है। नियम उल्लंघन पर कंबाइन जब्त उपायुक्त ने धान की कटाई के लिए समय सीमा तय की है। कंबाइन हार्वेस्टर केवल सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक ही चल सकेंगी। इन नियमों का उल्लंघन करने पर कंबाइन जब्त की जाएंगी। जिले में धान की खरीद के लिए 108 अनाज मंडियां और 79 अस्थायी यार्ड स्थापित किए हैं। प्रशासन ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और मंडी बोर्ड अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को चिंता वहीं अधिक नमी वाले धान से मंडियों में कई समस्याएं आती हैं। किसानों को अपना धान वापस ले जाना पड़ सकता है। साथ ही गीला धान जल्दी खराब होता है। गोदामों में इससे फफूंद लगने का खतरा बढ़ जाता है। पंजाब सरकार ने आश्वासन दिया है कि खरीद सीजन के दौरान धान की खरीद बिना किसी परेशानी के की जाएगी। हालांकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के किसानों की चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं।

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