आज से जीएसटी की घटी हुई दरें लागू हो गई हैं। बीजेपी के नेता, मंत्री, विधायक जहां आम जनता और व्यापारियों को जीएसटी रिफार्म के फायदे बता रहे हैं। वहीं, मप्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इनकम टैक्स रिफंड की तरह जीएसटी रिफंड देने की मांग की है।
पीसीसी चीफ ने केंद्र की मोदी सरकार और मध्य प्रदेश सरकार से कहा है कि जिस तरह आयकर (आईटी) रिफंड की व्यवस्था है, उसी तरह वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में भी रिफंड की नीति आम जनता के लिए लागू की जाए और मौजूदा वित्त वर्ष में जिन उपभोक्ताओं ने 28% की दर से जीएसटी का भुगतान किया है, उन्हें जीएसटी दरों में कमी (जैसे 18%) के बाद दी गई अतिरिक्त राशि का रिफंड मिलना चाहिए। सरकार ने जीएसटी से 55 लाख करोड़ रुपए जुटाए जीतू पटवारी ने कहा- मोदी सरकार ने जीएसटी को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ बनाकर आम जनता की जेब पर डाका डाला है। पिछले वर्षों में जीएसटी के माध्यम से सरकार ने लगभग 55 लाख करोड़ रुपए एकत्र किए, जिसका बोझ गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ा, जबकि बड़े उद्योगपतियों जैसे अडानी और अंबानी को इसका लाभ मिला। राहुल गांधी ने जो कहा मोदी सरकार को मानना पड़ा
पटवारी ने कहा, राहुल गांधी शुरू से कहते रहे हैं कि जीएसटी को एक स्लैब में लाया जाए ताकि यह आम जनता की पहुंच में हो और उनकी जेब पर बोझ न पड़े, लेकिन मोदी सरकार ने न केवल जीएसटी को जटिल बनाए रखा, बल्कि बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के बीच जनता की क्रय शक्ति को भी कमजोर किया। पटवारी ने कहा कि केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार पिछले वर्षों में 18% के बजाय 28% की दर से लिए गए अतिरिक्त जीएसटी का रिफंड सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा, “यह जनता का अधिकार है, और सरकार को इसके लिए नीति बनानी चाहिए।”
देश से माफी मांगें मोदी
पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि वह जीएसटी के माध्यम से पिछले कई वर्षों से गरीबों पर डाले गए आर्थिक बोझ के लिए देश से माफी मांगें। उन्होंने कहा, “मोदी जी को अब राहुल गांधी जी के विजन की सच्चाई समझ आ गई है, लेकिन उनकी नीतियों ने एक बड़े वर्ग को गरीबी में धकेल दिया है। इसके लिए उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।


