अलवर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर सोमवार से बाला किला स्थित करणी माता मंदिर में मेले का शुभारंभ हो गया। वन मंत्री संजय शर्मा भी बाइक से मंदिर पहुंचे। सुबह 6 बजे आरती के साथ उत्सव की शुरुआत हुई। मेले तक भक्तों को बाइक से जाने की अनुमति दी गई है। करणी माता मंदिर के महंत घनश्याम शर्मा ने बताया- वे मुख्य रोड और मंदिर परिसर से दूसरी तरफ कहीं भी न जाएं, क्योंकि यह क्षेत्र खतरे से खाली नहीं है। मंदिर के आसपास के जंगल में बाघिन का बसेरा है, जिसे पिछले 3 महीनों में कई बार देखा गया है। करणी माता मंदिर जाते समय दुपहिया वाहन पर 2 लोगों को जाने की अनुमति होगी। वहीं चालक को हेलमेट पहनना जरूरी होगा बारिश के कारण रोड टूटने से इस रूट को लगभग 3 महीने के बाद खोला गया है। जहां से रोड टूटा था, उसे अस्थाई तौर पर दुरुस्त किया गया है। बेरिकेडिंग भी लगाई गई है और सावधानी के लिए बोर्ड भी लगाए गए हैं। भक्तों को शाम 5:30 बजे तक ही मंदिर जाने की अनुमति है। टाइग्रेस ने शावक भी जन्मा
इसी जंगल में टाइग्रेस एसटी 2303 ने शावक को जन्म दिया है। जिसका फोटो भी सामने आ चुका है। मंदिर के पास बावड़ी के निकट टाइग्रेस सबसे अधिक बार देखी गई है। इस कारण भक्तों को अधिक सावधानी की जरूरत है। वैसे मंदिर तक आने-जाने में कोई खतरा नहीं है। लेकिन जानबूझकर जंगल में घुसना बड़ा मुश्किल हो सकता है। सरिस्का के डीएफओ अभिमन्यु का कहना है कि बाघिन ने शावक जन्में है। इस कारण मानव दखल से एग्रेसिव हो सकती है। आमजन को जंगल में नहीं घुसना चाहिए।


