कालका माता मंदिर में संतान प्राप्ति की इच्छा पूरी होती:शारदीय नवरात्र पर मंदिरों में आरती, घट स्थापना में पहुंचे हजारों भक्त

उदयपुर में सोमवार से शारदीय नवरात्र की शुरुआत के साथ ही पहले दिन सुबह से मंदिरों में भक्त माता रानी के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही नवरात्र स्थापना के दौरान हजारों की संख्या में भक्त शामिल हुए और आरती के बाद माताजी के दर्शन किए। माताजी के मंदिरों में भव्य सजावट और रोशनी की गई है और माताजी के खास और विशेष शृंगार किए गए। मंदिरों में सोमवार को पहले दिन घट (कलश) स्थापना की गई और सबने मां के पहले दर्शन कर पुजारी से आशीर्वाद लिया। उदयपुर में शहर के कालकामाता, नीमचमाता, आवरीमाता, बेदला स्थित सुखदेवी माता, करणीमाता से लेकर सलूंबर के ईडाणा माता मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ रही। नवरात्र स्थापना के बाद मंदिरों में भगवान के दर्शन करने के लिए लंबी-लंबी कतारें भक्तों की लगी थी। कालकामाता रोड पहाड़ा में कालका माता मंदिर के पुजारी देवेन्द्र सिंह गौड़ ने बताया कि माता जी का विशेष शृंगार कर पूरे मंदिर को फूल, पत्तियों से सजाया गया। यहां पर नित्य आयोजन होंगे। उन्होंने बताया कि नवरात्र में माता के सुबह 5.30 बजे मंगला, सुबह 9.15 बजे श्रृंगार, दोपहर 12 बजे माताजी का धूप और शाम 7.15 बजे संध्या दर्शन के दौरान आरती होगी। इससे पहले आज सुबह घट स्थापना के दौरान हजारों भक्त यहां पहुंचे। चौकी के दौरान सबने अपनी तकलीफ माता के समक्ष रखी। भगवान के दर्शन कर सब क्रमवार आगे बढ़ते गए। यह करीब 55 साल पुराना प्राचीन मंदिर है। यहां जिन महिलाओं को संतान प्राप्त नहीं होती है उनको माताजी का आशीर्वाद मिलता है। यहां 9 दिन तक कई कार्यक्रम होंगे। भजन संध्या का आयोजन 25 सितंबर को होगा। उन्होंने बताया कि इस मंदिर की खास बात यह है कि श्रृंगारित प्रतिमा इतनी सुंदर लगती है कि श्रीनाथजी का मुखारविंद और माताजी का मुखारविंद से भक्तों को ऐसा लगता है कि वे ठाकुर जी के दर्शन ही कर रहे है। नवरात्र के पहले दिन की तस्वीरें देखे…

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