इस बार मानसून कमजोर रहा है, लेकिन अब फसलों को बारिश की जरूरत नहीं है। बाड़मेर जिले में इस सीजन में 377 एमएम ही बारिश हुई है, जो औसत से 2 प्रतिशत कम है। अब खरीफ की फसल पक कर तैयार हो गई है, किसान फसलों की कटाई कर रहे है। ऐसे में बारिश से फसलों को नुकसान होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 29-30 सितंबर को बाड़मेर, जालोर जिले में हल्की और कहीं-कहीं तेज हवा के साथ बारिश की संभावना जताई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। गत साल भी 27-28 सितंबर को बाड़मेर जिले में बारिश हुई थी, इससे फसलों को नुकसान हुआ था। भास्कर न्यूज | बाड़मेर मानसून ने विदाई ले ली है, लेकिन अब सितंबर के अंत में अरब सागर में बने चक्रवात का असर पश्चिमी राजस्थान तक देखने को मिलेगा। इन दिनों तेज धूप खिलने से तापमान में बढ़ोतरी हुई है। सोमवार को अधिकतम पारा 37.4 और न्यूनतम 25.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आगामी 3-4 दिन तक तापमान में आंशिक बढ़ोतरी की संभावना जताई है। वहीं अब 29 सितंबर से फिर हल्की बारिश और बूंदाबादी की संभावना है। इससे खरीफ की फसलों को नुकसान होने होगा, क्योंकि किसान इन दिनों बाजरा, ग्वार, मूंग, मोठ की फसलों की कटाई में लगा है। ऐसे में बारिश होने से इन पकी हुई फसलों के खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। गर्मी से सर्दी में बदलते मौसम के दौरान सर्दी-जुकाम, बुखार, एलर्जी, अस्थमा और त्वचा संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बाड़मेर जिला अस्पताल में भी ओपीडी 4 हजार पार पहुंच गई है। हर कोई सर्दी, खांसी सहित मौसमी बीमारियों से ग्रसित है। ऐसे में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की जरूरत है। फ्रीज में रखे पानी या ठंडे पेय पदार्थ को अब खाने से बचना चाहिए। इसके अलावा अब रात में हल्की ठंडक महसूस होती है, ऐसे में कूलर या एसी की बजाय रात 2 बजे के बाद पंखे की रफ्तार भी कम करने की जरूरत है। मौसम में पराग कणों के प्रवेश से छींक आना, आँखों में खुजली और नाक बंद होना जैसे लक्षण आम हो गए है।


