कोडरमा| समाज कल्याण विभाग और स्वयंसेवी संस्था जीवन ज्योति के संयुक्त तत्वावधान में कोडरम प्रखंडा के गझड़ी, हथुआधारण एवं प्रखंड कार्यालय में डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 2011 के अंतर्गत डायन-विसाही के नाम पर महिलाओं पर होने वाले अत्याचार को रोकने हेतु गीत-संगीत एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया।इस नाटक के माध्यम से आमजन को यह जानकारी दी गई कि यदि कोई व्यक्ति किसी महिला को डायन बताकर प्रताड़ित करता है, तो उस पर कानूनन 2000 का जुर्माना और 6 माह की जेल का प्रावधान है। वहीं, यदि डायन कहकर हत्या की जाती है, तो आईपीसी की धारा के अंतर्गत दोषी को मृत्युदंड (फांसी) तक की सजा हो सकती है। कार्यक्रम में पंचायत के मुखिया, हथुआधारण वार्ड सदस्य तथा कोडरमा के प्रशिक्षक (ट्रेनर) उपस्थित रहे। मौके पर संस्था के कलाकार रिंकी उपी, हिरणनाथ महतो, सुनील कालिंदी एवं मंटू करमाली ने अपनी भागीदारी निभाई।


