इन्वेस्टिगेशन:MLA की डिमांड पर कॉलेज खोले, भवन व स्टाफ तक नहीं; यूजी में 55 हजार सीटें खाली

प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में बीबीए, बीकॉम, बीएससी मैथ्स जैसे कोर्स और इनमें कहीं 0, कहीं 2 तो कहीं 5 से 7 एडमिशन। जहां सरकारी कॉलेजों में 1 सीट मिलना मुश्किल हुआ करता था, वहां 55 हजार से ज्यादा सीटें खाली रह गई हैं। कारण है विधायकों की डिमांड पर नए सरकारी कॉलेज खोलना और फिर भवन, इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी व अन्य सुविधा की उचित व्यवस्था किए बिना ही कोर्स शुरू करने की अनुमति देना। आलम यह है कि कॉलेजों में 90 कोर्स में तो पढ़ाई शुरू करना भी मुश्किल हो रहा है, क्योंकि उच्च शिक्षा विभाग की पॉलिसी कहती है कि जहां भी 20 से कम एडमिशन होंगे, वहां कोर्स ही नहीं शुरू किया जाएगा। गौरतलब है कि इस बार 580 सरकारी कॉलेजों की यूजी की 2.60 लाख सीटों में से 55 हजार सीटें खाली रह गई हैं। प्रदेश में बीबीए की 1160 सीटें, और एडमिशन हुए सिर्फ 600 राज्य सरकार ने कॉलेजों में बीबीए जैसे प्रोफेशनल कोर्स शुरू तो कर दिए, लेकिन इनमें हालत सबसे ज्यादा खराब है। प्रदेशभर के सरकारी कॉलेजों में बीबीए की 1160 सीटें हैं और एडमिशन 600 हुए हैं। बीएससी मैथ्स में 20285 सीट और 11885 एडमिशन हुए। बीकॉम में 30 हजार सीटें हैं और 15 हजार से कम एडमिशन हुए। 90 कोर्स में तो 20 से कम एडमिशन हैं। 320 कोर्स में 50% से ज्यादा सीटें खाली हैं। प्रतापगढ़ कॉलेज; सभी 88 सीटें खाली हैं प्रतापगढ़ के राजकीय गर्ल्स कॉलेज में बीएससी मैथ्स में 88 सीट है, लेकिन इस बार एक भी एडमिशन नहीं हुआ। जनप्रतिनिधियों की डिमांड पर 2019 में सरकार ने यह कॉलेज खोला था। 2 साल पहले इसमें बीएससी मैथ्स कोर्स शुरू किया। भीलवाड़ा का राजकीय कॉलेज; बीकॉम में 100 में 95 सीटें रिक्त भीलवाड़ा का एसपीएसबी राजकीय कॉलेज 1965 से चल रहा है। इस बार बीकॉम की 100 सीटों में से मात्र 5 भरीं। बीएससी मैथ्स में 88 में से महज 15 पर एडमिशन हुए। एडमिशन इंचार्ज अनिल कुमार व प्रिंसिपल पुखराज मीणा ने बताया कि एडमिशन लेने छात्र नहीं आ रहे हैं। वहीं, छात्रों का कहना है कि कॉलेज में सुविधाएं नहीं है। फैकल्टी नहीं होने से पढ़ाई कैसे हो? बीएससी होम साइंस में भी नहीं रुझान, 88 में से 10 सीटें भरी श्रीगंगानगर के चौधरी बल्लूराम गोदारा राजकीय गर्ल्स कॉलेज में बीएससी होम साइंस में 88 सीट हैं, लेकिन 10 ही एडमिशन हुए हैं। एडमिशन इंचार्ज श्यामलाल ने बताया कि गंगानगर में ही चूनावट, पदमपुर, लालगढ़, कमलकोट में नए सरकारी कॉलेज खुलने से यहां बच्चों की संख्या काफी कम हो गई है। करौली मंडरायल के राजकीय गर्ल्स कॉलेज में बीए की 200 सीटों पर सिर्फ 11 एडमिशन हुए हैं। कॉलेज की अस्थाई व्यवस्था पंचायत भवन में है। क्लास के लिए लड़कियां 5 किमी दूर अन्य कॉलेज में जाती हैं। जयपुर के गणगौरी बाजार में गर्ल्स कॉलेज एक स्कूल के महज 3 कमरों में चल रहा है। बीएससी मैथ्स में 88 सीट हैं, पर 10 एडमिशन हुए हैं। प्रिंसिपल ओपी मीणा ने कहा कि अभी भवन के लिए जमीन भी अलॉट नहीं है। दौसा कॉलेज; पिछले साल 60 सीटों पर बीबीए कोर्स शुरू हुआ, 2 एडमिशन, वह भी कैंसिल होंगे दौसा के पं. नवल किशोर शर्मा राजकीय पीजी कॉलेज में राज्य सरकार ने पिछले साल 60 सीटों के साथ बीबीए कोर्स शुरू किया। इस बार 2 छात्रों ने ही एडमिशन लिया। लेकिन संख्या कम होने की वजह से उन्हें भी फीस वापस लौटाई जाएगी। स्कूल में कॉलेज; BSC मैथ्स में सिर्फ 10 दाखिले पंचायत में कॉलेज; 200 सीट, 11 एडमिशन

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