20 साल से बंद ट्यूबवेल में धधकी चूल्हे जैसी आग:जोधपुर के बावड़ी गांव की घटना; गंध आई तो माचिस जलाई, उठने लगी लपटें

20 साल से बंद ट्यूबवेल से LPG गैस की गंध आने लगी। ट्यूबवेल मालिक ने ट्यूबवेल के ऊपर टिन का पीपा रखकर जुगाड़ बनाया। इसके बाद ढक्कन के पास माचिस की तीली जलाई तो गैस के चूल्हे से निकलने वाली नीली लपटें निकलने लगीं। घटना सोमवार को जोधपुर में नागौर रोड पर स्थित बावड़ी कस्बे में हुई। जानकारी के अनुसार- बावड़ी कस्बे में अन्नाराम देवड़ा के घर के पास ही 26 साल पहले ट्यूबवेल खुदवाया गया था। यह 6 साल चला। इसके बाद पानी नहीं होने की वजह से इसे बंद कर दिया गया। पिछले 20 साल से यह बंद था। परिवार के महेंद्र देवड़ा ने बताया- लंबे समय से यह ट्यूबवेल बंद था। घरेलू उपयोग के लिए पानी टैंकर से मंगवाना पड़ता है। इसलिए सोचा कि क्यों न बंद पड़ा ट्यूबवेल ठीक करा लिया जाए। रविवार (29 दिसंबर) को ट्यूबवेल की सफाई कराई। तब भीतर से कुछ सरसराहट जैसी आवाजें सुनाई दीं। हमें लगा कि कहीं जमीन धंस तो नहीं रही है, इसलिए वाटर प्रूफ कैमरा इसमें डालकर जांच कराई। इस दौरान गैस की हल्की गंध महसूस हुई। ट्यूबवेल को दुरुस्त करने वाली टीम और हमने उस पर गौर नहीं किया। पंप-केबल भी डाली, गंध पर तीली जलाई तो धधकी आग महेंद्र देवड़ा ने बताया- कल सोमवार दोपहर को लॉरिंग करवाकर इसमें पंप-केबल भी डाल दी थी। तब भी गैस की तेज गंध महसूस हुई। तब बोरवेल के मुंह पर एक टिन के पीपे से जुगाड़ बनाकर उसके ढक्कन के पास माचिस जलाई गैस ने आग पकड़ ली। बड़ी मुश्किल से आग बुझाकर परिवार व अन्य लोगों ने मिलकर पंप और केबल सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद दोबारा माचिस की तीली जलाई तो फिर से आग धधकने लगी। रात को पहुंचा प्रशासन, पत्थर रखवा बंद किया ट्यूबवेल के आग उगलने के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर होने लगे। इसके बाद सोमवार रात करीब 8 बजे बाद एसडीएम व अन्य अधिकारी भी घर पहुंचे। एहतियात के तौर पर ट्यूबवेल को ढक कर उस पर भारी पत्थर रखवाए गए हैं। मंगलवार को विशेषज्ञों की टीम से इसकी जांच कराने की बात कही जा रही है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *