पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के कारण 7 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। इसके बावजूद मुरैना-श्योपुर के सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने रविवार को मुरैना के जौरा कस्बे में आयोजित आनंद महोत्सव में तिरंगा झंडा फहरा दिया। मीडिया ने सांसद से राष्ट्रीय शोक के बारे में पूछा, तो उन्होंने जवाब दिया कि ‘शोक 1 दिन के लिए था, 7 दिन के लिए नहीं।’ इस बयान से विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है, जब सामान्य नागरिक तक को राष्ट्रीय शोक की सूचना है, तो एक सांसद को इसकी क्यों नहीं? दरअसल, जौरा के गांधी आश्रम में हर साल दिवंगत सुब्बाराव जी के जन्मदिन पर आनंद महोत्सव मनाया जाता है। इस साल भी रविवार को यह कार्यक्रम आयोजित किया गया, सांसद शिवमंगल सिंह तोमर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उन्होंने झंडा वंदन किया और बच्चों के कार्यक्रम में भी भाग लिया। सांसद बोले- गलती से कह दिया कि शोक 1 दिन का था
विवाद बढ़ने के बाद सांसद शिवमंगल सिंह तोमर ने सफाई देते हुए कहा, ‘मैं जौरा में आनंद महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में गया था। झंडा थोड़ा नीचे था, इसलिए उसे फहरा दिया। रही बात राष्ट्रीय शोक की, तो मेरे मुंह से गलती से निकल गया कि शोक 1 दिन का था। मेरा किसी नियम का उल्लंघन करने का उद्देश्य नहीं था।’ राष्ट्रीय शोक: सरकारी नियमों का उल्लंघन?
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के बाद भारत सरकार ने पूरे देश में 7 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहता है और किसी प्रकार के उत्सव या सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाते।


