कोलकाता के 3 अनूठे दुर्गा पूजा पंडाल:कहीं सेल्यूलर जेल की थीम तो कहीं स्टील से बनाया मां का पंडाल

नवरात्र शुरू होने के साथ ही पश्चिमी बंगाल में दुर्गा पूजा पंडालों जगमग रोशनी लुभाने लगी है। कोलकाता के कई हिस्सों में बने पंडालों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। पश्चिम बंगाल में इस बार 45 हजार से ज्यादा दुर्गा पंडाल हैं। इनमें से 3100 अकेले कोलकाता में हैं। इनमें माता के अलग-अलग रूप के दर्शन हो रहे हैं। वहीं, कई थीम्स के आधार पर भी पंडाल तैयार किए गए हैं। हम आपको कोलकाता के 3 अनूठे पंडालों के बारे में बना रहे हैं। 1. सुरुचि संघ में क्रांतिकारी की ‘आहुति’ पहली तस्वीर सुरुचि संघ की है। न्यू अलीपुर स्थित यह संघ अपनी थीम ‘आहुति’ के माध्यम से देश की स्वतंत्रता के लिए प्राणों की आहुति देने वाले बंगाल के स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। पूजा का थीम गीत सीएम ममता बनर्जी का लिखा है, जिसे जीत गांगुली ने गाया है। इस समिति का संबंध क्रांतिकारी खुदीराम बोस, प्रफुल्ल चाकी और कनाईलाल दत्ता जैसे स्वतंत्रता सेनानियों से भी रहा है। इस पूरे थीम की रूपरेखा अनिर्बान दास ने तैयार की है। पंडाल में सेल्यूलर जेल समेत उन तमाम यातना गृहों को भी दर्शाया गया है जहां क्रांतिकारियों को प्रताड़ना दी जाती थी। पूजा के मुख्य संरक्षक और खेल एवं युवा मामलों के प्रभारी मंत्री अरूप विश्वास कहते हैं, हमने अपनी थीम ‘आहूति’ को विशेष रूप से नई पीढ़ी के लिए प्रदर्शित किया है, ताकि वे बंगाल के बलिदानी इतिहास से परिचित हो सकें। पंडाल में उन स्वतंत्रता सेनानियों पर खास फोकस किया गया है जो ‘अनुशीलन समिति’ से जुड़े थे, जिसकी स्थापना 1902 में स्वास्थ्य केंद्र के बहाने अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध में प्रशिक्षण के लिए की गई थी। 2. उत्तर कलिकाता सर्बोजनिन समिति उत्तर कोलकाता के श्यामपुकुर इलाके की सर्बजनिक दुर्गोत्सव समिति ने इस बार की थीम रखी है – ‘महा आलय मां’, यानी मां दुर्गा मेरे घर आई हैं। यह थीम मशहूर रेडियो प्रसारक, नाटककार और थिएटर निर्देशक वीरेंद्र कृष्ण भट्ट को समर्पित है। भट्ट हर साल नवरात्र शुरू होने से एक दिन पहले अपने घर से कोलकाता रेडियो पर महिषासुर मर्दिनी का पाठ किया करते थे। उन्होंने करीब 58 साल तक महालया का पाठ किया और पूरे देश ने उनकी आवाज में मां की स्तुति सुनी। 3. अर्जुनपुर अमरा सबाई क्लब कोलकाता के अर्जुनपुर अमरा सबाई क्लब की बेहद रोचक है थीम है ‘मुखामुखी’ यानी फेस टू फेस। आइडिया ये है कि कला और आम दर्शक के बीच कोई दीवार नहीं होती। यहां का पंडाल और माता की प्रतिमा स्टेनलेस स्टील से बनी है। मां की मूर्ति और आसपास की नीली रोशनी एक तारामंडल जैसा आभास देती है। उनके चरणों में हंसते-खेलते नन्हें बच्चों की मूर्तियां संसार के सबसे खुली पल को दर्शा रही हैं। यह क्लब 1973 से हर बार अपनी थीम से चौंकाता आ रहा है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… प. बंगाल-दुर्गा पंडालों के लिए ₹500 करोड़ बांट रहीं ममता:7 साल में मदद 11 गुना बढ़ाई, राज्य में 45 हजार पंडाल पश्चिम बंगाल में इस बार 45 हजार से ज्यादा दुर्गा पंडाल हैं। इनमें से 3100 अकेले कोलकाता में हैं। अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में इस बार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रत्येक पंडाल को 1.10 लाख रु. की अनुदान राशि दे रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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