छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ के नेतृत्व में मंगलवार को दुर्ग में कृषि अधिकारियों ने धरना प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक एक दिवसीय अवकाश लेकर प्रदर्शन किया। यह आंदोलन तीन चरणों में चल रहा है। पहले चरण में 8-9 सितंबर को अधिकारियों ने काली पट्टी लगाकर काम किया। दूसरे चरण में 15 सितंबर को बिना संसाधन भत्ता के ऑनलाइन कार्य बंद कर दिया। साथ ही कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष अमित कुमार वर्मा के अनुसार, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की प्रमुख मांगों में 4300 ग्रेड पे का वेतनमान और मासिक भत्ता 2500 रुपए करना शामिल है। अधिकारी मोबाइल, इंटरनेट, लैपटॉप और स्टेशनरी के लिए संसाधन भत्ते की मांग कर रहे हैं। पदनाम में संशोधन की मांग अधिकारियों ने अतिरिक्त प्रभार के लिए सम्मानजनक भत्ता और पदनाम में संशोधन की मांग की है। उनका कहना है कि फसल गिरदावरी, डिजिटल क्रॉप सर्वे और धान उपार्जन केंद्रों जैसे गैर-विभागीय कार्यों से कृषि क्षेत्र का मूल कार्य प्रभावित होता है। संघ ने आदान सामग्री का भंडारण सेवा सहकारी समितियों में करने और अनुदान राशि का भुगतान DBT के माध्यम से करने की मांग भी रखी है। शासन से जल्द कार्रवाई की मांग की गई है। उग्र आंदोलन की चेतावनी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर शासन ने जल्द ही उनकी जायज मांगों को पूरा नहीं किया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उनका कहना है कि वेतनमान और भत्तों की समस्या के समाधान से न केवल कर्मचारियों का हित होगा, बल्कि किसानों को भी बेहतर सेवा मिल सकेगी। उनका कहना है कि वेतनमान और भत्तों की समस्या के समाधान से न केवल कर्मचारियों का हित होगा बल्कि किसानों को भी बेहतर सेवा मिल सकेगी।


