बैतूल जिले के सारणी के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह की लागत अब बढ़कर 11,678 करोड़ 74 लाख रुपए हो गई है। राज्य मंत्री-परिषद ने इस नई लागत को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना 660 मेगावाट क्षमता वाली है और इसके निर्माण से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही, बैतूल समेत आसपास के जिलों को स्थिर बिजली आपूर्ति का फायदा मिलेगा। सरकार और कंपनी मिलकर उठाएंगे खर्च यह ऊर्जा परियोजना मध्य प्रदेश सरकार और म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की साझेदारी में पूरी की जाएगी। योजना के अनुसार, कंपनी को अगले कुछ वर्षों में किस्तों में बजट दिया जाएगा ताकि निर्माण कार्य बिना रुकावट के चलता रहे। वित्तीय व्यवस्था का स्वरूप इस परियोजना की लागत का वहन 20:80 के अनुपात में किया जाएगा: 20% राशि राज्य सरकार द्वारा अंशपूंजी के रूप में दी जाएगी। शेष 80% राशि ऋण के रूप में जुटाई जाएगी। राज्य सरकार अपनी हिस्सेदारी के तौर पर 684 करोड़ 53 लाख रुपये की राशि देगी। इसमें से 431 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि पहले ही 2025-26 तक आवंटित की जा चुकी है। बाकी बची हुई राशि को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक हर साल 50 करोड़ 62 लाख रुपए के रूप में विभागीय बजट से कंपनी को उपलब्ध कराया जाएगा। स्थानीय विकास में सहायक हालांकि, लागत में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन यह परियोजना बिजली संकट से राहत देने, उद्योगों को ऊर्जा उपलब्ध कराने और क्षेत्रीय विकास में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही, निर्माण कार्यों और भविष्य की जरूरतों के लिए स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल सकेगा।


