मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में आयोजित राज्य स्तरीय “10वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस” का शुभारंभ किया। आयुर्वेद दिवस के अवसर पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और नई पहलें शुरू की गई। जिसमें कैंसर के मरीजों को आयुर्वेद इलाज मुहैया करा उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार लाने की योजना भी शामिल है। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, शायद मुझे यह नहीं कहना चाहिए, लेकिन सच यही है कि आज मैं जितना स्वस्थ हूं, उसका श्रेय आयुर्वेद को जाता है। न मुझे बीपी की समस्या है, न शुगर, न चश्मे की जरूरत और न ही कोई दूसरी गंभीर बीमारी। जबकि मेरी उम्र अब साठ वर्ष से अधिक हो चुकी है। उन्होंने आगे कहा, एलोपैथी तब काम आती है जब बीमारी हो जाती है, लेकिन आयुर्वेद ऐसी जीवनशैली है, जो व्यक्ति को बीमार ही नहीं होने देती। यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आयुर्वेद दिवस पर प्रदेशवासियों को 12 नए आयुष अस्पतालों की सौगात दी। यह कदम उस समय उठाया गया है, जब मध्यप्रदेश मेडिकल टूरिज्म का हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी को लेकर आयुष और पर्यटन विभाग के बीच एमओयू भी हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश में न केवल देशभर से बल्कि पूरे विश्व से लोग आयुष वेलनेस टूरिज्म के लिए आएंगे। इनमें उज्जैन और खजुराहो में 50-50 बिस्तरों के दो अस्पताल और 10 जिलों में 10-10 बिस्तरों के अस्पताल खोले जाएंगे। इनमें पचमढ़ी, मंदसौर, अगर-मालवा समेत अन्य स्थान शामिल हैं। सभी चिकित्सा अधिकारियों को मिलेगा वरिष्ठ पदनाम और प्रथम श्रेणी का दर्जा सीएम ने यह भी घोषणा की कि आयुष विभाग के सभी चिकित्सा अधिकारियों को वरिष्ठ पदनाम देकर प्रथम श्रेणी का दर्जा दिया जाएगा। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की तरह आयुष विभाग में भी विशेषज्ञों और चिकित्सा अधिकारियों के लिए चयन वेतनमान (DACP) लागू होगा। इससे 1453 आयुष चिकित्सा अधिकारी, 228 होम्योपैथी और 85 यूनानी चिकित्सक समेत कुल 2698 अधिकारियों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा, पीजी कर चुके मेडिकल ऑफिसरों के स्टाइपेंड में तीन वेतनमान वृद्धि और सभी कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई कराने की भी घोषणा की गई। कार्यक्रम में शामिल होने आए जबलपुर से आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. सर्वेश पटेल ने कहा, वरिष्ठ पदनाम और डीएसपी की मांग लंबे समय से की जा रही थी। सीएम ने आज यह बड़ी सौगात देकर हमें एलोपैथ चिकित्सकों के सामान्य लाकर खड़ा कर दिया है। डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (DACP)
सरकारी क्षेत्र में डॉक्टर्स की कमी दूर करने और नए डॉक्टर्स को आकर्षित करने के लिए वर्ष 2008 में केंद्र सरकार ने डीएसीपी स्कीम बनाई। इस स्कीम के तहत सरकारी डॉक्टर्स को बिना किसी परेशानी के समय समय पर पदोन्नत किए जाने, वेतनवृद्धि किए जाने और अच्छा करियर बनाने के लिए बेहतर अवसर प्रदान करना है। वर्ष 2008 के बाद से अब तक देश के कई राज्य इस पॉलिसी को लागू कर अपने चिकित्सकों को लाभ पहुंचा रहे हैं, लेकिन मप्र में 14 साल बाद भी यह स्कीम लागू नहीं है। इससे मप्र के चिकित्सकों में नाराजगी बढ़ रही थी। आयुष और पर्यटन विभाग के बीच एमओयू
कार्यक्रम में आयुष वैलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयुष विभाग और पर्यटन विभाग के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके जरिए प्रदेश में आयुर्वेद आधारित वेलनेस और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। नए कार्यक्रमों की शुरुआत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव आयुष जनस्वास्थ्य कार्यक्रम का विस्तार प्रदेश के 55 जिलों की 55 इकाइयों तक किया गया। साथ ही, कैंसर रोगियों के लिए विशेष “कारुण्य” कार्यक्रम की शुरुआत हुई। औषधीय पौधों के लिए हेल्पलाइन भी शुरू की गई। जिससे जड़ी-बूटियों की जानकारी और उनके संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। इस मौके पर एसएमपीबी की पत्रिका “मध्य हर्बल दर्पण” का विमोचन किया गया। इसके साथ ही जन आरोग्य समिति की नियमावली का विमोचन भी किया जाएगा। कार्यक्रम स्थल पर आयुष विभाग की ओर से प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें आयुर्वेदिक औषधियों, जड़ी-बूटियों और स्वास्थ्य पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी। ये मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम की अध्यक्षता उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने की। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री एवं भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, खेल एवं युवा कल्याण और सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर और संस्कृति व पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए।


