विरोध:चांचौड़ा-बीनागंज के हजारों किसान ट्रैक्टरों से रैली निकालते हुए पहुंचे गुना

पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ो परियोजना के तहत गुना जिले की चांचौड़ा तहसील के घाटाखेड़ी में बनने वाले डेम का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को चांचौड़ा-बीनागंज क्षेत्र से हजारों किसान ट्रैक्टरों के काफिले के साथ गुना पहुंचे। सभी किसान पहले दशहरा मैदान पर इकट्ठा हुए और फिर पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने डेम के विरोध में ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि प्रस्तावित बड़े डेम से करीब 45 हजार बीघा उपजाऊ जमीन डूब जाएगी और 80 से 100 गांवों पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि चाहे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक को डेम में चिनवाना पड़े, लेकिन इस डेम का निर्माण किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसानों की मांग है कि यदि परियोजना से क्षेत्र को फायदा पहुंचाना ही है तो यहां दो छोटे डेम बनाए जाएं, जिससे चांचौड़ा विधानसभा पूरी तरह सिंचित हो सके और राजस्थान के 17, राघौगढ़ के 15 व ब्यावरा क्षेत्र के कई गांवों को भी लाभ मिल सके। इस आंदोलन में राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह, बमौरी विधायक ऋषि अग्रवाल और पूर्व विधायक ममता मीना भी शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों ने सरकार पर उपजाऊ जमीन बलि चढ़ाने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों ने कभी बड़ा डेम नहीं मांगा। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि सिंचाई विभाग कैंप लगाकर पूरी जानकारी देगा। तकनीकी व भौगोलिक परिस्थिति दो डेम के पक्ष में नहीं शुरुआत में दो डेम बनाने की ही योजना थी, लेकिन इसे बदलना पड़ा। 2 डेम बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन प्रोजेक्ट के जुड़े इंजीनियरों के अनुसार तकनीकी और भौगोलिक रूप से साध्य नहीं है क्योंकि राजस्थान की सीमा की ओर ढाल कम है। दो बांध से 35 हजार हेक्टेयर में सिंचाई हो सकेगी, लेकिन एक बांध से एक लाख हेक्टेयर में सिंचाई होगी। इसके अलावा शुरुआत में जल बंटवारे की गणना भी ठीक नहीं हुई थी। केंद्रीय जल आयोग की बैठक में जब दोबारा गणना की गई तो 200 एमसीएम पानी अतिरिक्त मिला। डेम से 16 गांव पूरी तरह से प्रभावित होंगे जिसमें 4192 परिवार रहते हैं। 46 गांव की आंशिक जमीन डूबेगी। प्रोजेक्ट में 1200 करोड़ रुपए भू-अर्जन और पुनर्वास के लिए रखे गए हैं। भाजपा की तरफ से किसानों को वचन दे आए दुबे : कलेक्ट्रेट पर जब ज्ञापन दिया जा रहा था तो भाजपा नेता व राष्ट्रीय कॉफी बोर्ड के सदस्य मनोज दुबे भी वहां आ गए। उन्होंने भाजपा की तरफ से किसानों को वचन दे दिया भारतीय जनता पार्टी किसानों के हितों का नुकसान नहीं होने देगी। जब दुबे से पूछा गया कि क्या वे भाजपा की ओर से आए हैं तो इसका जवाब नहीं दे सके।

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