लुधियाना के रायकोट में ताजपुर चौक के पास एक बीते रविवार को ट्रॉली निर्माता का हथियारबंद बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। भैणी बडिंगां के रहने वाले गुरदीप सिंह भमरा को उनकी वर्कशॉप से अगवा किया गया। बदमाशों ने उन्हें कई घंटों तक बंधक बनाकर मारपीट की। घटना से पहले गुरदीप सिंह ने डीएसपी रायकोट दफ्तर में शिकायत दर्ज करवाई थी। लेकिन रीडर सुखजिंदर सिंह होलदार ने न तो मामले को गंभीरता से लिया और न ही उच्च अधिकारियों को सूचित किया। इस लापरवाही पर लुधियाना देहाती के एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता ने रीडर को लाइन हाजिर कर दिया। पीड़ित के भाई और आसपास के दुकानदारों ने पुलिस पर देरी से पहुंचने का आरोप लगाया। रायकोट सिटी थाना प्रभारी अमरजीत सिंह ने स्वीकार किया कि तालमेल की कमी के कारण वे मौके पर 4 घंटे देर से पहुंचे। 4 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके आरोपी हाइड्रा मशीन की मदद से कई ट्रॉलियां और उपकरण भी ले गए। पीड़ित के अनुसार, लाखों का सामान चोरी हुआ। पुलिस ने मुल्लांपुर के प्रॉपर्टी डीलर प्रितपाल सिंह, दाखा निवासी राजू उर्फ राजवंत, बस्सिया बेट निवासी परविंदर सिंह और आलमगीर निवासी मनजिंदर सिंह उर्फ मनी समेत 19 लोगों पर केस दर्ज किया। 4 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, बाकी की तलाश जारी है। 2001 में बनाई थी वर्कशॉप गुरदीप सिंह निवासी भैणी वडिंगा ने पुलिस को बताया कि उसकी वर्कशॉप “भमरा मैकेनिकल” मलेरकोटला रोड, रायकोट (ताजपुर चौक नजदीक) पर स्थित है। यह जगह उसके पिता ने 1984 में खरीदी थी और 2001 में उसने व उसके भाई ने यहां वर्कशॉप बनाई। करीब तीन साल से प्रितपाल सिंह नामक व्यक्ति उसकी जगह पर हक जताने लगा, जिस पर पहले से अदालत में केस चल रहा है। 20-21 साल से वह पिछली तरफ की जगह स्टोर के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। घटना के दिन जब वह अपने वर्कर के साथ ट्राली ठीक कर रहा था, तभी आरोपी प्रितपाल सिंह, राजू सिंह व अन्य लोग गाड़ियों में आकर उसे धमकाने लगे कि दुकान खाली कर दो, वर्ना जान से मार देंगे। जबरदस्ती गाड़ियों में डालकर ले गए
गुरदीप सिंह ने कहा कि आरोपियों ने उसे पकड़कर पीटा, जबरदस्ती गाड़ियों में डालकर ले गए और वर्कशॉप से सामान व सीसीटीवी कैमरे तक उखाड़कर ले गए। लगभग तीन घंटे तक उसे बंधक बनाकर रखने के बाद दुकान के बाहर फेंक कर फरार हो गए। पीड़ित का आरोप है कि यह हमला उसकी दुकान और स्टोर पर कब्जा करने की नीयत से किया गया। पुलिस ने उसकी शिकायत पर 19 आरोपियों (जिनमें प्रितपाल सिंह, राजू सिंह, परविंदर सिंह, मनजिंदर सिंह आदि नामजद हैं) के खिलाफ केस दर्ज किया है।


