राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय ने सोमवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज बारां को एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की परीक्षा के लिए मान्यता जारी कर दी है। ऐसे में यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित होने वाली परीक्षा में बारां मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर में एडमिशन लेने वाले सभी विद्यार्थी शामिल हो सकेंगे। साथ ही आगामी दूसरे सत्र के लिए भी परमिशन दे दी है। अब कॉलेज प्रबंधन की ओर से आरयूएचएस टीम ने निरीक्षण में बताई कमियों मियों को भी दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए आवश्यक संसाधन भी बढ़ाए जा रहे है। अब जल्द ही दूसरे सत्र के संचालन स्वीकृति जारी करने से पहले एनएमसी की टीम निरीक्षण के लिए आएगी। इसके लिए कॉलेज प्रबंधन की ओर से एनएमसी में आवेदन व फीस भी जमा करवा दी हैं। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सीपी मीणा ने बताया कि इस साल एनएमसी से बारां मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की 100 सीटों के लिए संचालन स्वीकृति जारी की थी। इससे पहले एनएमसी टीम की ओर से कॉलेज का निरीक्षण कर संसाधनों की जांच आदि की थी। इसके बाद बारां कॉलेज को सभी 100 सीटों पर काउंसलिंग के माध्यम से स्टूडेंट्स मिलने पर पढ़ाई शुरु हो गई है। इस दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई से लेकर कॉलेज में हॉस्टल, मैस को लेकर भी प्रभावी मॉनिटरिंग की जा रही है। संसाधनों को भी दुरुस्त किया जा रहा है। साथ ही आगामी कुछ महीने बाद आयोजित होने वाली एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की परीक्षा में शामिल होने के लिए सोमवार को राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय ने बारां मेडिकल कॉलेज को मान्यता दे दी है। ऐसे में अब बारां मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स भी आगामी अप्रैल या मई माह में आरयूएचएस की ओर से आयोजित की जाने वाली परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। यूनिवर्सिटी की टीम ने 11 दिसबंर को किया था निरीक्षण
प्रिंसिपल डॉ. मीणा ने बताया कि एनएमसी की ओर से मेडिकल कॉलेज को मान्यता देकर बैच संचालन की अनुमति दे दी है, लेकिन यूनिवर्सिटी की ओर से निर्धारित मापदंडों के तहत संचालन व्यवस्था की जांच की जाती है। इसको लेकर पिछले दिनों आरयूएचएस की दो सदस्यीय टीम ने 11 दिसबंर को बारां पहुंचकर मेडिकल कॉलेज परिसर में संचालित कक्षाओं, गर्ल्स व बॉयज हॉस्टल, मैस ब्लॉक, विभिन्न लैब का निरीक्षण किया था। साथ ही जिला अस्पताल में विभिन्न वार्डों, लैब आदि का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारियां जुटाई थी। निरीक्षण के दौरान टीम ने कुछ खामियां बताई थी। जिन्हें शीघ्र ही दुरुस्त करने के लिए कॉलेज प्रबंधन ने आरयूएचएस को 500 रुपए के स्टांप पर एफिडेविट भी दिया गया है। जिसके बाद यूनिवर्सिटी ने बारां कॉलेज को मान्यता जारी है। आगामी सत्र की तैयारियां शुरू
एनएमसी से से दूसरे सत्र की संचालन स्वीकृति के को लेकर भी कॉलेज प्रबंधन व यूनिवर्सिटी ने तैयारियां शुरु कर दी है। इसके लिए यूनिवर्सिटी ने निरीक्षण के दौरान आवश्यक इंतजाम दुरुस्त करने के लिए कॉलेज प्रबंधन को निर्देश दिए गए है। साथ ही राजमैस की ओर से भी आगामी सत्र के लिए आवश्यक संसाधन बढ़ाने पर जोर देना शुरु कर दिया है। इसके तहत फेकल्टी भी उपलब्ध करवाई जा रही है। पिछले दिनों बारां मेडिकल कॉलेज के लिए विभिन्न विभागों में 33 फैकल्टी दी गई है। जिसमें से करीब 20 ने ज्वाइन कर लिया है। प्रबंधन अधिकारियों का कहना है कि आरयूएचएस से तो मान्यता जल्द दे दी जाएगी। साथ ही एनएमसी की ओर से सैकंड ईयर की संचालन स्वीकृति जारी की जाएगी। इसके लिए कॉलेज प्रबंधन ने साढ़े तीन लाख रुपए फीस जमा करवा दी है। आगामी कुछ दिनों में एनएमसी टीम भी निरीक्षण के लिए आ सकती है। इसको लेकर तैयारियां चल रही है।


