सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत बुधवार को झुंझुनूं दौरे पर रहे। उन्होंने एस.एस. मोदी स्कूल में आयोजित जीएसटी बचत उत्सव में भाग लिया।
यहां व्यापारियों से संवाद किया और जीएसटी सुधारों पर विस्तार से चर्चा की। मंत्री गहलोत ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक भी ली। मंत्री गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवरात्रि से पहले ही आम आदमी को बड़ी आर्थिक राहत देने की दिशा में क्रांतिकारी कदम उठाया है। 2017 में जब देश में जीएसटी लागू हुआ था, तब टैक्स की दरें 4 स्तरों 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत पर आधारित थीं। अब इसमें बड़े बदलाव करते हुए सिर्फ 2 दरें 5 और 18 प्रतिशत रखी गई हैं। ‘आर्थिक सोच को नई दिशा देने वाला बदलाव’
प्रभारी मंत्री ने कहा कि यह बदलाव केवल कर दरों तक सीमित नहीं है बल्कि देश की आर्थिक सोच को नई दिशा देने वाला है। पहले भारत की परम्परा ‘अतिथि देवो भव’ रही है, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी ने इसे ‘नागरिक देवो भव’ में तब्दील कर दिया है। इसका अर्थ है कि हर नागरिक का जीवनस्तर बेहतर बनाने की जिम्मेदारी सरकार की है। आम नागरिकों को मिली राहत
मंत्री गहलोत ने कहा कि इस सुधार से आम नागरिक, विशेष रूप से मध्यमवर्गीय परिवारों को प्रतिमाह 1500 से 2000 रुपए तक की सीधी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार का लक्ष्य हर वर्ग को आर्थिक मजबूती देना है। “2017 से लेकर अब तक जीएसटी कलेक्शन लगातार बढ़ा है और आज यह महीने में ढाई लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। ऐसे में सरकार ने मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत देने का निर्णय लिया”। व्यापारियों की सराहना की
उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने 15 अगस्त को लालकिले से घोषणा की थी कि देश की आर्थिक व्यवस्था को और सरल बनाया जाएगा और आम आदमी को राहत देने के लिए नए सुधार लागू किए जाएंगे। उसी घोषणा के अनुरूप नवरात्रि के पहले दिन जीएसटी दरों में यह ऐतिहासिक कटौती की गई है।
मंत्री गहलोत ने झुंझुनूं के व्यापारियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जीएसटी दरों में कटौती के बाद तुरंत ही ग्राहकों तक इसका लाभ पहुंचाना शुरू कर दिया है। अब 12 लाख तक की आय टैक्स फ्री
उन्होंने आयकर स्लैब में किए गए सुधारों का भी उल्लेख किया और बताया कि अब 12 लाख रुपये तक की आय टैक्स फ्री कर दी गई है। यह भी मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ा बदलाव है। गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार की सोच केवल रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत आवश्यकताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे आगे बढ़कर हर नागरिक को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की है।
इस मौके विधायक राजेन्द्र भांबू, पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी, जिला अध्यक्ष हर्षिनी कुल्हरी, पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार, जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग, CA मनीष अग्रवाल सहित काफी लोग मौजूद रहे।


