राज ऋषि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय, अलवर के तत्वावधान में किशनगढ़ पीजी कॉलेज में दो दिवसीय कबड्डी पुरुष प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस प्रतियोगिता में जिले की 11 टीमों ने भाग लेकर शानदार खेल कौशल का प्रदर्शन किया।प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. गंगाराम गुर्जर द्वारा किया गया। इस अवसर पर किशनगढ़ पीजी कॉलेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उमेशकांत वशिष्ठ ने पुष्पगुच्छ और माला पहनाकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल युवा शक्ति को अनुशासन,टीम भावना और निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला मेजबान किशनगढ़ पीजी कॉलेज और बानसूर पीजी कॉलेज की टीमों के बीच खेला गया।शुरुआत से ही किशनगढ़ पीजी कॉलेज की टीम ने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए बढ़त बना ली।दर्शकों की तालियों और नारों के बीच खिलाड़ियों ने जबरदस्त दमखम दिखाया और एक-एक अंक के लिए जोरदार संघर्ष किया।अंततः किशनगढ़ पीजी कॉलेज की टीम ने 45-25 के भारी अंतर से जीत दर्ज कर विजेता ट्रॉफी अपने नाम की। वहीं, बानसूर पीजी कॉलेज उपविजेता घोषित हुआ। प्रतियोगिता को सफल बनाने में सभी टीम प्रभारी और खिलाड़ियों की मेहनत सराहनीय रही।राज ऋषि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय के खेल सचिव डॉ. विक्रम भडाणा ने सभी प्रतिभागी टीमों और खिलाड़ियों का स्वागत कर उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने का अवसर प्रदान करती हैं। खेल मैदान पर मौजूद दर्शक रोमांचक मुकाबले का लुत्फ उठाते नजर आए। निर्णायक की भूमिका में अनिल जाखड़ और गुरदीप सिंह रहे,जिन्होंने निष्पक्ष और सटीक निर्णय देकर प्रतियोगिता को सुचारू रूप से सम्पन्न कराया।प्रतियोगिता की सफलता में टीम कोच नुरेश वशिष्ठ,संजय गोयल,राजेश यादव,चंद्रभान शर्मा,नरेश वर्मा,हेमंत यादव,सतबीर यादव,प्रीति शर्मा,मुनेश यादव,सुरभि शर्मा,सलमा,कपिल सैनी,श्रीराम चौधरी,राकेश कुमार,वैभव गोयल और अभिषेक सेन सहित अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा। खेल मैदान में विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी मिलने के बाद गूंजे जयघोष और ढोल-नगाड़ों की थाप ने माहौल को और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया। खिलाड़ियों ने जीत को कॉलेज और कोचों की मेहनत का परिणाम बताया।इस अवसर पर कॉलेज परिवार, खेल प्रेमी और छात्र-छात्राओं की बड़ी संख्या मौजूद रही।


