रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में 75वां एनएसएस डे बुधवार को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न जिलों से आए सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवकों, कार्यक्रम अधिकारियों और जिला संगठनों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कार्यकर्ता सदस्य चंद्रशेखर पटेल जी थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विवेक मिश्रा ने की। यह आयोजन रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के डॉ. दिवांशु तिवारी के नेतृत्व में हुआ, जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 75वें एनएनएस दिवस के उपलक्ष्य में, 9 जिलों के कुल 140 स्वयंसेवकों, 53 कार्यक्रम अधिकारियों और 6 जिला संगठनों को उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए सम्मानित किया गया। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से जुड़े इन 9 जिलों में लगभग 26,000 स्वयंसेवक कार्यरत हैं। कार्यक्रम में प्रत्येक जिले से 10 सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवकों का चयन किया गया, जिनमें से 5 छात्राएं थीं। इन सभी को उनके अथक प्रयासों और समाज सेवा में दिए गए योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा, प्रत्येक जिले से 5 सर्वश्रेष्ठ कार्यक्रम अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह का उद्देश्य उन सभी लोगों को प्रोत्साहित करना था जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निस्वार्थ भाव से काम कर रहे हैं। इस अवसर पर राज्य स्तर पर ‘राज्यश्री पुरस्कार’ प्राप्त करने वाले स्वयंसेवकों का भी विशेष सम्मान किया गया, जिन्होंने विश्वविद्यालय और अपने जिले का नाम रोशन किया है। सम्मान समारोह के साथ-साथ, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। प्रोफेसर डॉ विवेक मिश्रा ने अपने भाषण में सभी सम्मानित स्वयंसेवकों और अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना समाज को बेहतर बनाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने युवा पीढ़ी को सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। वहीं, मुख्य अतिथि चंद्रशेखर पटेल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को देश के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का एहसास कराते हैं और उन्हें भविष्य का बेहतर नागरिक बनाते हैं।


