अब्बास अंसारी मंत्री राजभर से मिलने अस्पताल पहुंचे:विधायकी जाने पर बेटे अरविंद ने कहा था- वे हमारे नहीं, अखिलेश के विधायक

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के बाद बुधवार शाम मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर को देखने लखनऊ के मेदांता अस्पताल पहुंचे। वे अस्पताल में करीब 10 मिनट रहे। मंत्री राजभर से उनकी सेहत पूछी और परिवार से भी बात की। अब्बास ने ओपी राजभर को जल्द ठीक होने की शुभकामनाएं दीं। अब्बास अंसारी मंत्री राजभर की पार्टी सुभासपा से मऊ सदर सीट से विधायक हैं। 31 मई, 2025 को मऊ की अदालत ने हेट स्पीच मामले में 2 साल की सजा सुनाई थी। 8 सितंबर को हाईकोर्ट के आदेश पर उनकी विधायकी बहाल हुई थी। हेट स्पीच मामले में 2 साल की सजा को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। विधायकी गई तो राजभर परिवार ने पल्ला झाड़ लिया था अब्बास अंसारी की विधायकी रद्द हुई तो मंत्री राजभर और उनके परिवार ने दूरी बना ली थी। मऊ सीट पर उपचुनाव की तैयारी होने लगी। तब मंत्री राजभर ने कहा था- अंसारी हमारी पार्टी से मऊ सदर सीट से विधायक थे और ये सीट हमारे कोटे की है। अगर इस सीट पर उपचुनाव होगा तो सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ही चुनाव लड़ेगी। हालांकि अंसारी परिवार के किसी सदस्य को टिकट नहीं देंगे। पार्टी के कार्यकर्ता को टिकट मिलेगा। वहीं, पार्टी के राष्‍ट्रीय महासचिव और मंत्री के छोटे बेटे अरुण राजभर का कहना था कि हमारा अब अब्‍बास अंसारी के साथ कोई संबंध नहीं है। यह अदालत पर निर्भर करता है कि वह उनके भाग्य का फैसला करे। बड़े बेटे अरविंद राजभर ने विधायक अब्बास अंसारी को अपना मानने से इन्कार कर दिया था। कहा था कि वे सपा के सिंबल पर विधानसभा चुनाव लड़े थे। 2 फोटो देखिए… योगी ने डॉक्टरों से पूछा- अब कैसी तबीयत है
सीएम योगी मंत्री राजभर से मिलने बुधवार सुबह मेदांता अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने राजभर से पूछा- अब स्वास्थ्य कैसा है? योगी ने डॉक्टरों से भी उनकी बीमारी के बारे में जानकारी ली। इस दौरान सीएम के साथ मंत्री सुरेश खन्ना भी मौजूद रहे। सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर की तबीयत रविवार को अचानक बिगड़ गई थी। सीने में दर्द की शिकायत के बाद परिवार वाले उन्हें मेदांता हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें भर्ती कर लिया था। डॉक्टरों के मुताबिक, ओपी राजभर को माइनर ब्रेन स्ट्रोक आया था। समय रहते इलाज मिलने से उनकी हालत अब नियंत्रण में है। उन्हें 24 घंटे निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों ने बताया कि राजभर को माइनर अटैक आया था। अब उनकी हालत स्थिर है। जल्द ही डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
बच्चों को गोद में लेकर खिलाया
मेदांता हॉस्पिटल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक अलग ही अंदाज़ देखने को मिला। सीएम योगी ने न सिर्फ डॉक्टरों से राजभर के स्वास्थ्य की जानकारी ली, बल्कि उनके परिवार के साथ भी समय बिताया। देर शाम मऊ के सदर विधायक अब्बास अंसारी मेदांता हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने ओपी राजभर का हालचाल जाना। अब्बास अंसारी करीब 10 मिनट हॉस्पिटल में रहे। इस दौरान कोई राजनीतिक बातचीत नहीं की। अब्बास अंसारी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के सिंबल से चुनाव जीते हैं। राजभर के बेटे अरविंद राजभर के पुत्र और अरुण राजभर की बेटी को सीएम योगी ने अपने हाथों में लेकर दुलारा और खिलाया। अस्पताल में माहौल कुछ समय के लिए हल्का-फुल्का और पारिवारिक हो गया। राजभर की तबीयत बिगड़ने पर आजमगढ़ से लखनऊ लाया गया उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर की रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें चक्कर आ रहे थे। बोलने और चलने में भी दिक्कत हो रही थी। इसके बाद उन्हें आजमगढ़ से लखनऊ लाया गया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक खुद उन्हें लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचे। उन्हें एडमिट कराया। 2-3 घंटे तक उनका लोहिया में इलाज चला। इसके बाद मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था। राजभर के इलाज के लिए मेदांता के एक्सपर्ट डॉक्टरों का पैनल बनाया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, स्ट्रोक अटैक के बाद उन्हें अस्पताल लाया गया। यहां आने के बाद उनकी सीटी स्कैन, खून समेत कई जांच कराई गई थी। मेदांता अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि ओपी राजभर का विशेषज्ञ डॉ. अनूप कुमार ठक्कर और डॉ. राकेश मिश्रा (न्यूरोलॉजी) की देखरेख में इलाज चल रहा है। उनकी स्थिति में सुधार है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती रहने की सलाह दी गई थी। अचानक चक्कर आया, फिर जुबान लड़खड़ाने लगी
ओपी राजभर को रविवार को वाराणसी के कटिंग मेमोरियल स्कूल में सामाजिक समरसता भागीदारी रैली को संबोधित करना था। उन्हें आजमगढ़ से वाराणसी जाना था। वह जैसे ही कमरे से निकलने लगे, उन्हें तेज चक्कर आया और वे बेड पर ही बैठ गए। उनकी जुबान भी लड़खड़ाने लगी और बोलने में दिक्कत होने लगी। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला। रविवार दोपहर 1 बजे उन्हें लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल लाया गया। डिप्टी सीएम काफी देर तक उनके साथ रहे और उन्हें दिलासा देते नजर आए। लोहिया में ढाई घंटे रहे राजभर, फिर परिवार मेदांता ले गया
लोहिया के प्रवक्ता और कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. भुवन तिवारी ने बताया था कि राजभर को चलने फिरने में परेशानी के अलावा बोलने में जुबान लड़खड़ा रही थी। शुरुआती जांच में कोई गंभीर बात निकलकर सामने नहीं आई। सबसे पहले उन्हें जनरल मेडिसिन के एक्सपर्ट डॉ. विक्रम सिंह ने देखा। फिर कार्डियोलॉजी की जांच हुईं। फिर न्यूरोलॉजी की संभावित समस्या को देखते हुए डॉ.अब्दुल कवि की निगरानी में उनका CT स्कैन हुआ था। इसके बाद उन्हें लोहिया संस्थान के छठे फ्लोर के प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। CT स्कैन रिपोर्ट नॉर्मल आने के बाद डिप्टी सीएम चले गए। थोड़ी देर बाद फैमिली मेंबर्स ने उन्हें मेदांता जाने का मन बनाया। 3 बजे परिजन राजभर को मेदांता लेकर चले गए। ——————- ये खबर भी पढ़ें… क्या अखिलेश यादव का साथ छोड़ेंगे आजम खान?: अगर बसपा में गए तो सपा को कितना नुकसान, इससे भाजपा को क्या फायदा सपा के दिग्गज नेता आजम खान जेल से बाहर आ गए हैं। उनके बसपा में जाने की अटकलें जारों पर हैं। जब आजम से इस बारे में सवाल किया गया तो उनके गोलमोल जवाब ने इन अटकलों को और बल दे दिया। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या आजम खान अखिलेश का साथ छोड़ेंगे? अगर ऐसा होता है तो सपा को कितना नुकसान होगा? भास्कर एक्सप्लेनर में जानिए सब कुछ…

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