सिमडेगा | झारखंड सरकार ने शिक्षा संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए सख़्त कदम उठाए हैं। नई गाइडलाइन के तहत अब किसी भी शिक्षक को तंबाकू सेवन या धूम्रपान करते पकड़े जाने पर जुर्माना भरना पड़ेगा। इसके साथ ही राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों को अनिवार्य रूप से गैर-धूम्रपान क्षेत्र घोषित किया जाएगा। गाइडलाइन में साफ निर्देश है कि हर शिक्षण संस्थान अपने मुख्य द्वार और प्रमुख स्थानों पर “धूम्रपान करना अपराध है” जैसे बोर्ड लगाएगा। साथ ही, तंबाकू नियंत्रण को लेकर एक कमेटी बनाई जाएगी। इस कमेटी में शिक्षक, छात्र, अभिभावक संघ के प्रतिनिधि और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल होंगे, जो कैंपस को तंबाकू मुक्त रखने की जिम्मेदारी संभालेंगे। विद्यार्थी बनेंगे ‘टोबैको मॉनिटर’ विशेष पहल के तहत कक्षा 9 से 12 तक के उन विद्यार्थियों को ‘टोबैको मॉनिटर’ नियुक्त किया जाएगा, जो स्वयं तंबाकू का सेवन नहीं करते। इन छात्रों के नाम, पद और मोबाइल नंबर स्कूल परिसर में सार्वजनिक किए जाएंगे। उनका काम होगा परिसर में निगरानी रखना और नियमों का पालन सुनिश्चित कराना। गाइडलाइन के अनुसार यदि किसी परिसर में तंबाकू के अवशेष या धूम्रपान के प्रमाण मिलते हैं, तो इसे संस्थान की लापरवाही माना जाएगा।


