भास्कर न्यूज/लुधियाना | सतलुज दरिया के तेज बहाव से ससराली बांध पर संकट लगातार गहराता जा रहा है। जहां 5 सितंबर के बाद 150 एकड़ जमीन और बह गई, वहीं पहले ही 300 एकड़ भूमि दरिया निगल चुका है। हालात इतने खराब हैं कि अब मत्तेवाड़ा जंगल भी खतरे की जद में आ गया है। गांव के सरपंच और स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रशासन की टीमें कुछ दिन काम करके वापस लौट चुकी हैं, जबकि गांव वाले आज भी अपने दम पर पत्थर लगाकर बांध को बचाने में लगे हुए हैं। लेकिन, जो पत्थर पहले लगाए गए थे, वे भी अब ढहते जा रहे हैं। मांग- सरकार जल्द मदद करे: गांव के मंजीत सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कहीं से मदद नहीं मिल रही है। गांव में लंगर लगातार चलाया जा रहा है, ताकि जो लोग दिन-रात काम में जुटे हैं, उन्हें खाना मिल सके। ग्रामीणों की एक ही मांग है- सरकार जल्द मदद करे, नहीं तो पूरा इलाका तबाह हो जाएगा। कोई सुनवाई नहीं हो रही: सरकार की ओर से दी गई फोल्डिंग पंप मशीन दिन-रात चल रही है, जिस पर रोजाना 60 हजार रुपये खर्च आ रहा है, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई आर्थिक सहायता नहीं दी। सिर्फ एक बार 2.5 करोड़ की ग्रांट मिली थी। गांव वालों ने बताया कि कितनी बार प्रशासन से अपील की है पैरामिलिट्री फोर्स दी जाएं जो इस बांध को सुरक्षित रख सकते है। मगर कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है।


