ऑक्सीजन मास्क लगाकर धुएं में रेंगते हुए घर में घुसा; भतीजा जमीन पर, चाची सोफे पर बेसुध थीं, दोनों नहीं बचे

भारत नगर में बुधवार सुबह एक होजरी कारोबारी के घर में आग लग गई। इसमें 16 साल के गर्व और 77 साल की सुधा की मौत हो गई। हादसा बुधवार सुबह 7:38 बजे हुआ। कारोबारी ने अपने घर के ग्राउंड फ्लोर में एक ऊन का गोदाम बनाकर रखा था। उसी में संभवत: शॉर्टसर्किट से आग लगी। उसके बाद पूरे घर में धुआं फैल गया। सुबह जब दूध देने आए व्यक्ति ने धुआं निकलता देखा तो पड़ोसी को जानकारी दी। लेकिन तब किसी ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। इसके करीब 1 घंटे बाद जब एक सब्जी वाले ने इसकी जानकारी पड़ोसियों को फिर से दी तब पड़ोसियों ने शोर मचाकर कारोबारी के परिवार को उठाया। हादसे के समय घर में परिवार के 9 सदस्य थे। बच्चों, प|ी, भाभी समेत पिता को घर से बाहर निकाला गया। लेकिन घर के मालिक रजत की मां सुधा चोपड़ा और भाई राजन का बेटा गर्व फंसे रहे, जिन्हें 40 मिनट बाद बाहर निकाल सके। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दमकल विभाग के एडीएफओ जसवीर सिंह ने बताया कि 4 घंटे की मशक्कत के बाद 25 गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया। धुएं से बेहोश राजन को बाहर निकाला चचेरे भाई रमन चोपड़ा ने बताया कि, जैसे ही मैं मौके पर पहुंचा तो देखा कि राजन भइया बेहोश हैं। उनके पास रजत भइया थे। वे बार-बार कह रहे थे कि मेरा परिवार घर में फंसा हुआ है। मैं पड़ोसियों की छत से घर के अंदर गया। दो भाभियों और बच्चों को बाहर निकाला। दमकल के कर्मचारी दूसरी मंजिल के अंदर 3 बार गए। उन्हें गर्व का पता नहीं चल रहा था। मैंने कहा कि मुझे गर्व के कमरे का पता है। उन्होंने मुझे ऑक्सीजन सिलेंडर दिया। अंदर पूरा धुआं था। मैं फर्श पर रेंगते हुए जा रहा था। तभी एहसास हुआ कि कोई गिरा पड़ा है। मैंने उसका हाथ पकड़ा और दमकल कर्मचारियों ने मुझे खींचकर बाहर निकाला। वो गर्व था। उसे अस्पताल भेजा। फिर भइया ने कहा, मां यानी मेरी चाची अब भी घर में हैं। ऊपर जाकर हमने पहले खिड़की को तोड़ा, ताकि धुआं बाहर निकले। देखा कि चाची शांत सोफे पर थीं। वो चल नहीं सकती इसलिए उन्हें उठाकर नीचे लेकर गए। फिर नीचे जाकर मैं भी बेहोश हो गया। प्रत्यक्षदर्शी पड़ोसी नीलम सिंगला ने बताया कि सुबह 8:39 बजे उनके घर पर सब्जी देने वाला आया। उसने बताया कि चोपड़ा निवास से धुआं निकल रहा है। मैंने अपने पति को तुरंत बुलाया। हमने मिलकर जोर-जोर से आवाज लगानी शुरू कर दी। लेकिन कोई बाहर नहीं आया। रजत और राजन आए। राजन ने ऑफिस का दरवाजा खोला तो धुंए का झोंका उस पर आया और राजन वहीं बेहोश हो गया। उनका चचेरा भाई रमन भागकर पड़ोस के घर पर गया। और छत से होते हुए बच्चों, अपनी दो भा​भियों को बाहर निकाला। बुधवार सुबह 7:38 बजे भारत नगर में होजरी कारोबारी के घर में आग लगने से दो की मौत। मृतक गर्व (इनसेट) शहर के भारत नगर, जवाहर नगर कैंप, गुरु अर्जुन देव नगर, कश्मीर नगर, बेअंतपुरा, हरचरण नगर, रणजीत पार्क, धर्मपुरा, हरबंस, कृपाल नगर, माया पुरी समेत शहर के बहुत से इलाके हैं, जो हैं तो रिहायशी लेकिन यहां या तो गोदाम बनाए गए हैं या छोटी-छोटी फैक्टरियां चल रही हैं। एक चिंगारी आग में बदल सकती है। ऐसे इलाकों में गोदामों व फैक्टरियों के ऊपर कर्मचारी या परिवार रहते हैं। आग लगने पर बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इतना होने के बावजूद नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच व फायर बिग्रेड ने आज तक ऐसी बिल्डिंग की पहचान कर कोई कार्रवाई नहीं की। एटीपी मोहन सिंह कहते हैं कि जहां बुधवार को आग लगी वहां भवन मालिक ने खुद सामान स्टोर किया था। आगे से ऐसी बिल्डिंगों का सर्वे करवा कर पता लगाया जाएगा और नियमों के तहत कार्रवाई होगी। फायर बिग्रेड के एडीएफओ जसविंदर सिंह कहते हैं कि उनकी जानकारी में नहीं है कि शहर के ऐसे गोदामों के खिलाफ कभी कार्रवाई की गई हो।

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