जालंधर| लायलपुर खालसा कॉलेज के फिजियोथेरेपी और जूलॉजी-बॉटनी विभाग के सहयोग से भारत विकास परिषद युवा इकाई द्वारा बीएलएस (बेसिक लाइफ सपोर्ट) संबंधी वर्कशॉप का आयोजन बुधवार को किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर बीएलएस के नेशनल को-ऑर्डिनेटर और रेडियोलॉजिस्ट डॉ. मुकेश गुप्ता शामिल हुए। डॉ. गुप्ता ने बताया कि बीएलएस उन लोगों के लिए रामबाण सिद्ध होती है, जिनकी हृदय गति रुकने के कारण मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह रुक जाता है। इस तकनीक में कार्डियोपल्मनरी रिससिटेशन (सीपीआर) का उपयोग किया जाता है। उन्होंने बताया कि छाती के बीचों-बीच लगभग 120 बार दबाव देकर करीब आधे घंटे तक लगातार सीपीआर करने से दिल की धड़कन दोबारा शुरू हो सकती है। इस मौके पर प्रिंसिपल डॉ. सुमन चोपड़ा, फिजियोथेरेपी विभाग के प्रमुख डॉ. राजू शर्मा, भारत विकास परिषद के सदस्य डॉ. संजीदा बेरी, देवेंद्र बजाज, राकेश बब्बर, हरमोर्थ सिंह, कर्म चंद, डॉ. सुगंदा भाटिया, राकेश गोयल, रमनप्रीत और कॉलेज के जूलॉजी-बॉटनी विभाग की प्रमुख डॉ. गगनदीप कौर, डॉ. हेमिंदर सिंह आदि मौजूद रहे।


