साल के सबसे शक्तिशाली टाइफून ‘रागासा’ के कारण बीते दिन में फिलीपींस, ताइवान, हॉन्गकॉन्ग और चीन में भारी बारिश हुई। जिससे यहां बाढ़ आ गई। इससे ताइवान में झील का बांध टूटने से 6 करोड़ टन बह गया। हॉन्गकॉन्ग में 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली। साथ ही 197 मिमी बारिश हुई, जिससे 90 लोग घायल हुए थे। चीन में 53 हजार से ज्यादा पेड़ों को नुकसान पहुंचा और 56 हजार लोग बिना बिजली के रहे। ‘रागासा’ के बाद एक नया तूफान बुआलोई शुक्रवार तड़के फिलीपींस के सबसे बड़े द्वीप लुजोन पहुंचा। इससे वहां बाढ़ और लैंडस्लाइड की स्थिति पैदा हो गई। जिसके चलते 4 लोगों की मौत हो गई। यहां 4 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया। बुआलोई 135 किमी/घंटा की रफ्तार से दक्षिण चीन सागर की ओर बढ़ रहा है। यह तूफान वियतनाम की ओर बढ़ते हुए ज्यादा तीव्र हो सकता है। फिलीपींस मौसम ब्यूरो के अनुसार, इस साल फिलीपींस में आया ये 15वां टाइफून है। बुआलोई तूफान की 5 फुटेज… ताइवान में झील का बांध टूटने से 6 करोड़ टन बहा ताइवान में टाइफून रागासा का प्रभाव सबसे गंभीर रहा। तूफान के कारण मंगलवार को पूर्वी ताइवान के हुआलियन काउंटी में भारी बारिश हुई, जिसके कारण एक बैरियर झील (भूस्खलन से बनी झील) का बांध टूट गया। इस झील में लगभग 9 करोड़ टन पानी था, जिसमें से 6 करोड़ टन पानी गुआंगफू टाउनशिप में बह गया, जिससे भयानक बाढ़ आई। इस आपदा में 14 लोगों की मौत हो गई और 11 लोग लापता हैं। इसके अलावा, 32 लोग घायल हुए हैं। हुआलियन में करीब 70 सेंटीमीटर (28 इंच) बारिश दर्ज की गई, जिससे सड़कें नदियों में बदल गईं और कई पुल बह गए। गुआंगफू टाउनशिप में बाढ़ ने घरों और वाहनों को बहा दिया। ताइवान के फायर सर्विस विभाग के अनुसार, बचाव दल भूस्खलन और मलबे के बीच फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं। करीब 8,500 निवासियों में से 60% ने अपने घरों की ऊपरी मंजिलों पर शरण ली, जबकि बाकी लोग सुरक्षित स्थानों पर चले गए। फिलीपींस में 10 लाख लोगों को निकाला गया था ताइवान से पहले रागासा फिलीपींस के पनुइतान द्वीप से टकराया था, जिसके असर से भारी बारिश हुई और कई इलाकों में बाढ़ आ गई। भूस्खलन की घटनाएं भी हुईं, जिसके चलते करीब 10 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया था। तूफान के असर से फिलीपींस में 3 लोगों की मौत हुई। फिलीपींस में अब तूफान शांत है। प्रशासन ने बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इस तूफान की स्पीड जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ी है और यहां हवाओं की स्पीड मैक्सिमम 270 किमी/घंटा रही। हॉन्गकॉन्ग में 90 लोग घायल हुए थे वहीं, हॉन्गकॉन्ग में 90 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। फुलर्टन ओशन पार्क होटल में समुद्र की लहरें कांच की दीवार तोड़ते हुए अंदर घुस गईं, जिससे कई लोग बह गए।शहर में सैकड़ों पेड़ गिर गए, सड़कों पर पानी भर गया, 1 हजार से अधिक उड़ानें रद्द हुईं। हालांकि स्कूल और व्यवसाय फिर से खुल गए हैं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की मरम्मत जारी है। हॉन्गकॉन्ग में टाइफून रागासा ने बुधवार को तेज हवाओं और भारी बारिश के साथ दस्तक दी। हॉन्गकॉन्ग ने इसे इस साल का सबसे खतरनाक तूफान करार दिया, जिसकी हवाओं की गति 195 किमी/घंटा तक थी। तूफान के कारण हॉन्गकॉन्ग में 197 मिमी बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में बाढ़ आ गई। दर्जनों पेड़ उखड़ गए, एक फुटब्रिज की छत उड़ गई, और समुद्र तट पर एक जहाज के टकराने से कांच की रेलिंग टूट गई। एक लग्जरी होटल की लॉबी में पानी घुस गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। हॉन्गकॉन्ग में 90 लोग घायल हुए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। स्कूल, दुकानें और उड़ानें बंद कर दी गईं। सैकड़ों लोग अस्थायी आश्रय केंद्रों में शरण लेने को मजबूर हुए थे। यहां, तटीय क्षेत्रों में समुद्र का लेवल सामान्य से 3 मीटर ऊंचा रहा। चीन में टाइफून से 56 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल टाइफून रागासा ने बुधवार शाम को दक्षिणी चीन के गुआंगडोंग प्रांत के हैलिंग द्वीप पर लैंड फॉल किया, जहां हवाओं की स्पीड 144 किमी/घंटा थी। चुआनदाओ टाउन में हवाओं की गति 241 किमी/घंटा तक दर्ज की गई, जो जियांगमेन शहर में अब तक की सबसे तेज हवा है। गुआंगडोंग में 20 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। यहां कई शहरों में स्कूल, फैक्ट्रियां और ट्रेन सेवाएं बंद कर दी गईं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यहां करीब 53 हजार से ज्यादा पेड़ों को नुकसान पहुंचा और 56 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल हो गई। चीन सरकार ने आपदा राहत के लिए लगभग 150 मिलियन युआन (लगभग ₹1,800 करोड़) आवंटित किए हैं। चीन की मौसम ब्यूरो ने रागासा को ‘तूफानों का राजा’ कहा है। रागासा एक फिलिपिनो शब्द है, जिसका मतलब ‘जुनूनी’ होता है। साइक्लोन के बारे में जानिए…


