ऊना SDM को हाईकोर्ट से नहीं मिली अग्रिम जमानत:3 अक्टूबर को अगली सुनवाई; लड़की ने रेप के आरोप लगाए, अधिकारी 4 दिन से फरार

हिमाचल हाईकोर्ट ने रेप के आरोपों से घिरे युवा HAS अधिकारी एवं SDM ऊना विश्व मोहन देव को आज भी अग्रिम जमानत नहीं दी। बीते कल भी कोर्ट ने अधिकारी की अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। अब SDM की जमानत याचिका पर 3 अक्टूबर को सुनवाई होगी। विश्व मोहन देव पर ऊना की एक लड़की ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के आरोप लगाए हैं। बीते मंगलवार को ही युवती ने ऊना पुलिस थाना में FIR कराई है। इसके बाद से एसडीएम फरार है। ऊना पुलिस तीन दिन से एसडीएम की तलाश नहीं कर पाई है। इसके बाद, विश्व मोहन देव अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंचे हैं। बीते कल जस्टिस राकेश कैंथला ने याचिका में दिए तथ्यों के आधार पर कहा- प्राथमिकी में लगाए आरोपों से पता चलता है कि याचिकाकर्ता ने 10 अगस्त 2025 को पीड़िता के साथ रेप किया था। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला दिया, जिसमें यह निर्धारित किया था कि रेप के मामले में गिरफ्तारी से पहले जमानत नहीं दी जानी चाहिए। कोर्ट ने कहा- प्रथम दृष्टया पीड़िता द्वारा लगाए आरोपों पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि विश्व मोहन देव चौहान से उसकी बातचीत सोशल मीडिया के जरिए हुई। कोर्ट चैम्बर में संबंध बनाने के आरोप लगाए इसके बाद एसडीएम ने उसे अपने दफ्तर मिलने बुलाया और बाद में कोर्ट चैम्बर में उसके साथ जबरन संबंध बनाए। इसके 10 दिन बाद एसडीएम ने ऊना विश्राम गृह में किसी और के नाम से कमरा बुक करवाया। रात 10 बजे वहां आकर फिर से जबरन संबंध बनाए। वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया पीड़िता के अनुसार, जब उसने शिकायत करने की बात कही, तो एसडीएम ने ऑफिस में बनाई वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उसने बात करना कम कर दिया। युवती जब उसके घर गई, तो उसे धक्के मारकर बाहर निकाल दिया गया। महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया रेप के इस मामले में महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है। महिला आयोग की चेयरमैन विद्या देवी ने बताया कि उन्होंने SP ऊना को फोन कर इस मामले में निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं। उधर, फोरेंसिक टीम ने उस कमरे से आज सैंपल लिए जहां पर युवती ने रेप के आरोप लगाए हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *