भिण्ड जिले में तीन नए मंडलों का विस्तार:29 मंडल अध्यक्ष के लिए हुई रायशुमारी, निर्वाचन अधिकारी-पर्यवेक्षक ने मांगे सुझाव

भिण्ड जिले में भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक विस्तार किय है। यहां तीन नए मंडलों का गठन किया गया है। अब जिले में 26 की जगह 29 मंडलों अध्यक्षों का चयन होगा। इस निर्णय का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और क्षेत्रीय स्तर पर पार्टी को नई गति प्रदान करना है। पार्टी ने महिलाओं को नेतृत्व में स्थान देने का संकल्प लिया है ताकि उनकी सहभागिता और सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा सके। 29 मंडलों में मंडल अध्यक्ष का होगा चयन संगठन पर्व के तहत जिले की पांच विधानसभाओं—भिण्ड, अटेर, मेहगांव, गोहद और लहार—में बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने मंडल अध्यक्ष के चयन को लेकर सुझाव दिए। जिला चुनाव अधिकारी पूर्व विधायक गोपी कृष्ण नेमा और पर्यवेक्षक विधायक शैलेंद्र जैन ने आपसी सहमति से पैनल तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि नेतृत्व क्षमता और समर्पण भाव वाले कार्यकर्ताओं को मंडल अध्यक्ष बनाया जाएगा। महिलाओं को नेतृत्व में मिलेगा विशेष स्थान महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए भारतीय जनता पार्टी ने प्रत्येक मंडल में महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका सौंपने की योजना बनाई है। यह कदम न केवल पार्टी संगठन को मजबूत करेगा, बल्कि समाज में महिलाओं की भूमिका को भी प्रोत्साहित करेगा। तीन नए मंडलों का गठन जिले में तीन नए मंडलों का चयन किया गया है: 1. जवासा मंडल (अटेर विधानसभा): इसमें बूथ संख्या 45 शामिल हैं। 2. सरायधार मंडल (अटेर विधानसभा): इसमें बूथ संख्या 41 शामिल हैं। 3. उमरी-अकोड मंडल (भिण्ड विधानसभा): इसमें नगर परिषद के बूथ शामिल हैं। नेतृत्व क्षमता और संगठन का विस्तार जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नरवरिया ने कहा कि नए मंडलों का गठन पार्टी संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। इससे नेतृत्व क्षमता में इजाफा होगा और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्य और सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
नेताओं का दृष्टिकोण पर्यवेक्षक विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा, “नए मंडल अध्यक्ष संगठन को सशक्त और प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। पार्टी का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए संगठन को नई दिशा देना है।” पूर्व विधायक गोपी नेमा ने कहा कि मंडल अध्यक्षों का चयन आपसी सहमति और प्रदेश नेतृत्व की स्वीकृति के बाद किया जाएगा। भाजपा के संगठनात्मक विस्तार से जिले में पार्टी को नई मजबूती मिलेगी। नेतृत्व में महिलाओं को शामिल करने और नए मंडलों के गठन से पार्टी की जमीनी पकड़ और सुदृढ़ होगी। यह कदम भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को नई दिशा देने वाला साबित होगा।

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