टोंक में कैलीग्राफी से हिन्दू-मुस्लिम भाईचारा दिखाया:वेदमत और ओम भी बनाए, कलेक्टर ने हस्तलिखित ग्रन्थ देखा

अरबी फारसी शोध संस्थान में दो दिवसीय कैलीग्राफी प्रदर्शनी एवं कार्यशाला का आयोजन हुआ। इसमें प्रदेश के कई कलाकार शामिल हुए। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से अलग अलग विषय पर अपनी भावना कैलीग्राफी के माध्यम से व्यक्त की। किसी ने हिंदू – मुस्लिम भाईचारा तो किसी ने 22 भाषाओं के महत्व को कैलीग्राफी कला से प्रदर्शित किया। इसके अलावा अन्य कलाकारों ने कुरआनी आयात को विभिन्न तरीकों से कैनवास पर कैलीग्राफी आर्ट को दर्शाया गया। प्रधानमंत्री का संदेश सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के अंतर्गत जयपुर से आए हरिशंकर बालाठिया ने अपनी कला से इस संदेश को कैनवास पर दर्शाया। मुरलीधर अरोड़ा कैलीग्राफिस्ट ने ओम को नए अंदाज में कैलीग्राफी में लिखा साथ में इसमें वेदमत भी लिखे। इस समारोह की मुख्य अतिथि कलेक्टर कल्पना अग्रवाल रही। विशिष्ट अतिथि संस्थान के पूर्व निदेशक मुजीब अता आजाद, प्रो. सय्यद सादिक अली रहे। इन अतिथियों का माल्यार्पण प्रियंका राठौड़, निदेशक, एमएएपीआरआई द्वारा किया गया। हस्तलिखित ग्रन्थ भी देखे कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित “सांस्कृतिक सृजन पखवाड़ा“ ( 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर, 2025) अंतर्गत आयोजित कैलीग्राफी प्रदर्शनी एवं कार्यशाला का उद्घाटन कलेक्टर ने किया। कलेक्टर प्रदर्शनी को देखकर बहुत प्रभावित हुई। कलेक्टर ने संस्थान का अवलोकन किया, संस्थान में संरक्षित मैन्युस्क्रिप्ट (हस्तलिखित) ग्रंथ को देखकर अभिभूत हो गई। एमएएपीआरआई को निदेशक प्रियंका राठौड़ ने वर्कशाॅप में मौजूद कैलीग्राफी आर्टिस्ट की कला की सराहना की। डॉक्टर सय्यद बदर अहमद, खुर्शीद आलम आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर प्रोफेसर सैयद सादिक अली पूर्व निदेशक एमएएपीआरआई, टोंक भी मौजूद थे। समापन समारोह में श्री खुर्शीद आलम ने कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया। मंच का संचालन जिया टोंकी ने किया। ़

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *