अजमेर में पिछले 6 महीने से पेट दर्द और उल्टी से परेशान 38 साल की महिला का जेएलएन अस्पताल में ऑपरेशन किया गया। महिला का दूरबीन से ऑपरेशन कर पित्त की थैली की नली की गांठ निकाली गई। शनिवार को इसकी जानकारी प्रिंसिपल डॉक्टर अनिल सांवरिया, अधीक्षक डॉक्टर अरविंद खरे की ओर से दी गई। प्रिंसिपल डॉक्टर अनिल सामरिया ने बताया कि अजमेर जिले के रहने वाली 38 वर्षीय महिला पिछले 6 महीने से पेट दर्द और उल्टी से परेशान थी। महिला को उसके परिजनों द्वारा जेएलएन अस्पताल के गेस्ट्रोलॉजी विभाग के डॉक्टर एमपी शर्मा को दिखाया गया। महिला को भर्ती कर जांच करवाई गई तो जांच में पाया कि उसे कोलिडोकल नामक बीमारी है। पित्त की थैली की नली में थी गांठ
प्रिंसिपल ने बताया कि यह बीमारी पित्त की थैली की नली की गांठ है, जो जन्मजात एवं दुर्लभ होती है। इस बीमारी को सर्जरी के जरिए ही ठीक किया जा सकता नहीं तो भविष्य में कैंसर उत्पन्न होने के आशंका रहती है।
प्रिंसिपल ने बताया कि मरीज को सर्जरी विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉक्टर शिवकुमार बुनकर को दिखाया उन्होंने ऑपरेशन की सलाह दी। सामान्य यह ऑपरेशन बड़ा चीरा लगाकर किया जाता है। इसको लेप्रोस्कोपी सर्जरी(दूरबीन) द्वारा किया जाना प्रस्तावित किया गया। दूरबीन सर्जरी से मरीज को होता है कम दर्द
दूरबीन सर्जरी से चीरा बहुत छोटा हो जाता और मरीज के कम दर्द रहता है। इससे मरीज के जल्द ठीक होने की संभावना ज्यादा रहती है। दूरबीन के जरिए महिला के ऑपरेशन कर गांठ निकाली गई। महिला अब सुरक्षित है।


