जामताड़ा पुलिस ने ठगी करने वाले गिरोह को पकड़ा:दूसरों की जमीन-घर दिखाकर करते थे धोखाधड़ी, रिटायर्ड ईसीएल कर्मी से ठगे थे 89 लाख रुपए

जामताड़ा पुलिस ने घर और जमीन बेचने के नाम पर लोगों से 89 लाख रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह मामला जामताड़ा थाना कांड संख्या 102/25, दिनांक 11 अगस्त 2025 से संबंधित है। देवघर जिले के चितरा थाना अंतर्गत गड़बाद निवासी मुकेश रवानी, जो एक सेवानिवृत्त ईसीएल कर्मी सुरेश रवानी के पुत्र हैं, इस ठगी के शिकार हुए। एसपी राजकुमार मेहता के अनुसार, अपने पिता के सेवानिवृत्त होने के बाद घर खरीदने के लिए मुकेश इस गिरोह के संपर्क में आए थे। पुलिस को 28 सितंबर को गुप्त सूचना मिली कि ठगों का यह गिरोह पटोदिया धर्मशाला, साइडिंग मोड़ के पास सक्रिय है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक ने जामताड़ा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम में थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह, अनुसंधानकर्ता पु.अ.नि. मेघ राउत, अलखनाथ चौबे, बलराम चंद्र पंडित, राजू मिश्रा और रमेश उरांव शामिल थे। जांच के दौरान पता चला कि ठगी गई रकम का बड़ा हिस्सा टुम्पा सर्खेल के खाते में 84 लाख रुपये और जिसु सरकार के खाते में 5 लाख रुपये जमा किए गए थे। बाद में, इस रकम को आपस में बांटा गया, जिसमें पंचानन्द दास को 15 लाख 75 हजार, घनश्याम महतो को 27 लाख 76 हजार, विक्रम महतो को 5 लाख 85 हजार, और परिमल बाउरी को 5 लाख 60 हजार रुपये मिले। शेष 29 लाख 56 हजार रुपये नकद आपस में बांट लिए गए। पुलिस ने 28 और 29 सितंबर को त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्तों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में जिसु सरकार (27 वर्ष, निवासी कायस्थपाड़ा), विक्रम महतो (39 वर्ष, निवासी सिमलबेडिया), घनश्याम महतो (59 वर्ष, निवासी सिमलबेडिया), पंचानन्द दास (51 वर्ष, निवासी पाण्डेडीह), टुम्पा सर्खेल (40 वर्ष, निवासी राजपल्ली) और परिमल कुमार उर्फ परिमल बाउरी (41 वर्ष, निवासी राजपल्ली) शामिल हैं।

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