कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की दौड़:शहर में विनोद, सुबोध, श्रीकुमार समेत दस और ग्रामीण में पप्पू, नागू समेत आधा दर्जन दावेदार

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का संगठन सृजन कार्यक्रम जिलों में चार अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है। रायपुर जिले में अध्यक्ष चुनने के लिए एआईसीसी के आब्जर्वर प्रफुल्ल गुडाडे पांच और छह अक्टूबर को रायपुर शहर और ग्रामीण अध्यक्ष चुनने के लिए दावेदारों से बातचीत करेंगे। उनके साथ पीसीसी द्वारा नियुक्त किए गए पदाधिकारी पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, शैलेष पांडेय और धीरज बाकलीवाल भी शामिल रहेंगे। जिलाध्यक्ष बदले जाने की चर्चा के बाद दावेदार भी सक्रिय हो गए हैं। रायपुर शहर अध्यक्ष बनने वाले दावेदारों में रायपुर दक्षिण विधानसभा का चुनाव लड़ चुके विनोद तिवारी, सुबोध हरितवाल, दीपक मिश्रा, श्रीकुमार मेनन, कन्हैया अग्रवाल, सुमीत दास, पंकज मिश्रा, सतनाम पनाग, देवेंद्र यादव समेत दर्जन भर नेताओं के नाम है तो वहीं रायपुर ग्रामीण अध्यक्ष बनने के लिए एनएसयूआई, युवा कांग्रेस से सक्रिय राजनीति में जुड़े पप्पू बंजारे, पूर्व एमआईसी मेंबर नागभूषण राव, प्रवीण साहू, विपिन मिश्रा, उधोराम वर्मा, सौरभमिश्रा समेत आधा दर्जन से ज्यादा नेताओं के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। शहर में इनकी दावेदारीः रायपुर में जिलाध्यक्ष बनने एक दर्जन से ज्यादा दावेदार ग्रामीण में इसलिए इनकी दावेदारी डॉक्टर, वकील, समाजसेवी और सीनियर सिटीजन से बातचीत करेंगे आब्जर्वर बताया गया है कि जिलाध्यक्ष चुनने के लिए नामों का पैनल बनाने से पहले एआईसीसी के आब्जर्वर जिलों के प्रमुख डॉक्टर, वकील, समाजसेवी, सीनियर सिटीजन के साथ ही मीडिया से जुड़े लोगों से बातचीत करेंगे। उनसे मिले फीडबैक के आधार पर ही दावेदारों की सूची को महत्व किया जाएगा। ऐसे में यह भी हो सकता है कि दावेदारों के अलावा दूसरे लोगों के नाम भी आ सकते हैं। पीसीसी और डीसीसी की ओर से आजवर को ऐसे लोगों को नामों की सूची भेज दी गई है। पर्यवेक्षकों की सूची का वेरीफिकेशन करेगी एआईसीसी, फिर जारी करेंगे नाम बताया गया है कि पर्यवेक्षक जिलों का दौरा कर दावेदारों के नाम की सूची की रिपोर्ट तैयार कर एआईसीसी की सौंपेंगे। उनकी रिपोर्ट के आधार पर जिलाध्यक्ष तय नहीं किए जाएंगे बल्कि एआईसीसी द्वारा उनकी रिपोर्ट का क्रास वेरीफिकेशन भी किया जाएगा ताकि इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका न हो। यदि किसी नेता का नाम सिफारिश या किसी के करीबी होने के कारण शामिल किया गया होगा और यदि वह अयोग्य है तो उसे पद नहीं मिलेगा। इसकी सीधी मॉनिटरिंग राहुल गांधी करेंगे।

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