एक अस्पताल ऐसा…नदियों के नाम से बेडों की पहचान:महाकुंभ के सेंट्रल हॉस्पिटल में अनूठी पहल, गंगा-यमुना व कावेरी रखे बेडों के नाम; PM करेंगे उद्घाटन

अभी तक आपने अस्पतालों में बेडों की पहचान नंबरों के जरिए करते रहे लेकिन प्रयागराज के महाकुंभ नगर में एक ऐसा हॉस्पिटल बना है। जिसमें बेडों की पहचान नदियों के नाम से होती हैं। परेड ग्राउंड में 100 बेड के अस्थायी सेंट्रल हॉस्पिटल की ICU में 10 बेड रखे गए हैं जहां सीरियस मरीजों काे भर्ती किया जाएगा। यहां सभी इलाज व जांचें बिल्कुल फ्री होगा। इस अस्पताल का उद्घाटन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस वार्ड के प्रत्येक बेड के ऊपर देश की विभिन्न नदियों के नामकरण किए गए हैं। गंगा, यमुना, सरस्वती, ब्रह्मपुत्र, सतलज, कावेरी, गोदावरी, महानदी जैसे नामों से बेडों की पहचान होगी। गुरुवार को जब CM योगी आदित्यनाथ इस अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे तब उन्होंने भी यह पहल देखकर डॉक्टरों की पहल की सराहना की। AD हेल्थ बोले.. नदियों के नाम जानेंगे लोग प्रयागराज के AD हेल्थ डॉ. राकेश शर्मा ने बताया, कि इस तरह की यह पहल पहली बार किया जा रहा है। बेडों पर नंबर तो सामान्य बात है लेकिन इसमें नदियों के नाम से बेडों की पहचान होगी। मरीज किस बेड पर एडमिट है यह उसके तीमारदार नंबर से नहीं बल्कि नदियों के नाम से संबोधित करेंगे। डॉक्टर्स भी एडमिट फाइल पर भर्ती मरीज के नाम के आगे संबंधित नदियों के नाम लिखेंगे। इससे देश दुनिया से आने वाले श्रद्धालु नदियों के बारे में जानेंगे। पल्स व ऑक्सीजन लेवल घटने पर बजने लगेगा अलार्म नोडल चिकित्सा स्थापना, महाकुंभ मेला डॉ. गौरव दुबे, बताते हैं कि “ICU में भी पहली बार हाईटेक AI मैसेजिंग फ्लो सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह एआई मैसेजंग फ्लो सिस्टम देश या विदेश के किसी भी कोने से आने वाले रोगी की बात समझकर डॉक्टर को समझा सकता है। सेंट्रल हॉस्पिटल के 10 बेड वाले ICU में श्रद्धालुओं को यह सुविधा मिलेगी। यहां भर्ती मरीज के सिरहाने एक स्पेशल माइक लगाया जा रहा है, जो हाईटेक एआई टेक्नोलॉजी से लैस रहेगा। डॉ. गौरव बताते हैं कि “यदि यहां भर्ती मरीज अचानक सीरियस कंडीशन में पहुंच जाता है जैसे BP या Spo2 कम होने लगता है तो अलार्म बजने लगेगा। यह अलार्म सीधे कमांड सेंटर में बजेगा, जब तक डॉक्टर उसका इलाज नहीं शुरू कर देते हैं तब अलार्म बजता रहेगा।” 40 से ज्यादा भाषाओं का कर सकेगा ट्रांसलेट
डॉ. सिद्धार्थ बताते हैं कि यहां 22 रीजनल और 19 इंटरनेशनल लैंग्वेज को पलक झपकते ही हिंदी या अंग्रेजी में ट्रांसलेट कर देगा। इससे डॉक्टर्स और मरीज के बीच भाषाई गैप नहीं होगा और समुचित इलाज की सुविधा प्रदान की जा सकेगी। स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का डिजिटल प्रचार
डॉ. वंदिता वत्स बताती हैं कि इस अस्पताल को पूरी तरह से डिजिटल मोड में बनाने का प्रयास किया गया है। यहां प्रवेश करते ही डिस्प्ले पर ऑटोमैटिक स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के बारे में दर्शाया जाएगा। आयुष्मान भारत योजना, मातृत्व वंदना योजना, सुकन्या मंगला योजना जैसी तमाम योजनाओं की संपूर्ण जानकारी स्क्रीन पर दिखाई जाती रहेगी।

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