डुमरी से नवनिर्वाचित विधायक जयराम महतो एक बार फिर विवादों के कारण चर्चा में आ गए हैं। गुरुवार को विधानसभा के पहले सत्र के खत्म होने पर वो मीडिया से बात करते वक्त पत्रकारों से ही भिड़ गए। वो चिल्लाने लगे और कहा-वो सदन में भी चिल्लाएंगे और बाहर भी, इंटरव्यू लेना है तो लें नहीं तो छोड़ दें। इससे कुछ दिन पहले उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, इसमें वो एक से फोन पर बात करते वक्त पटक कर मारने की धमकी देते दिखे थे।
दरअसल, विधायकों को सरकारी सुविधा का त्याग करने की जयराम महतो के सलाह पर जब उनसे पूछा गया कि क्या आप इसका त्याग करेंगे तो उन्होंने कहा- बिल्कुल त्याग करेंगे, जयराम महतो जो कहता है वह करता है। वहीं, एक पत्रकार ने जब यह कहा कि कुछ इसी तरह की बात अरविंद केजरीवाल भी करते थे। बस इतना सुनते ही जयराम का गुस्सा भड़क उठा। वो पत्रकारों को उंगली दिखाकर चिल्लाने लगे। इसके बाद पत्रकारों संग जयराम महतो की बहस शुरू हो गई। पत्रकारों ने विधायक को उनकी भाषा पर टोका, तो जयराम महतो ने कहा- वो सदन में भी चिल्लाएंगे और बाहर भी। अगर तकलीफ है तो इंटरव्यू न लें। फोन पर कहा- अरे नाजिर… मारेंगे पटक कर बोल दे रहे हैं
इधर, कुछ दिनों पूर्व विधायक जयराम महतो का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वे बाघमारा के नाजिर चंद्रशेखर रेड्डी से फोन पर बात करते नजर आ रहे हैं। जयराम बोल रहे हैं… अरे नाजिर मारेंगे पटक कर बोल दे रहे हैं। नाजिर हो कि प्रधानमंत्री हो। एक तो 10 हजार रुपए घूस खाकर बैठे हो और तमीज से भी बात नहीं करोगे। 9 दिसंबर को विधानसभा के बाहर जब मीडियाकर्मियों ने वीडियो के संबंध में जयराम से पूछा तो उन्होंने कहा- वीडियो सही है। भाषा में बदलाव सामने वाले पर निर्भर करता है। सौ में से एक मिस्टेक होगा ही। जहां संविधान की जरूरत होगी, वहां संविधान से और जहां एग्रेशन की जरूरत होगी, वहां एग्रेशन से चलेंगे। उनसे पूछा गया कि जनप्रतिनिधि को ऐसी भाषा बोलनी चाहिए? जयराम ने कहा कि आपको यह जानना होगा कि सरकारी नौकरी करने वाले नाजिर ने एक गरीब मजदूर से 10 हजार रुपए घूस लिया हैं। उसे तीन बार फोन किया गया। उसने काट दिया। इधर, नाजिर ने कहा कि विधायक जयराम महतो ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। 8 दिसंबर को मैं ट्रेन में था। इसी दौरान विधायक ने दो-तीन बार कॉल किया तो रिसीव नहीं कर पाया था।


