लुधियाना| पंजाब में खेलों की स्थिति लगातार गिरती जा रही है और इसका प्रमुख कारण है कि ग्राउंड स्तर पर खेलों के विकास के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इसी बीच, पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (पीआईएस) की ओर से 60 साल की उम्र पार कर चुके सभी कोचों को जारी किया गया एक नोटिस चर्चा का विषय बन गया है। इस नोटिस के तहत, लुधियाना के 3 कोचों को एक महीने का समय दिया गया है, जिसमें ट्रिपल जंप, जूडो और बास्केटबॉल के कोच शामिल हैं। ये कोच 60 साल की उम्र पार कर चुके हैं, और विभाग द्वारा उनकी जगह नए कोचों की भर्ती का कोई पुख्ता प्लान नहीं है। इसमें प्रमुख नाम द्रोणाचार्य पुरस्कार प्राप्त ट्रिपल जंप के कोच एसएस पन्नू का है, जो इस वक्त एकमात्र ऐसे कोच हैं, जिन्होंने विश्व, एशिया और ओलंपिक स्तर के खिलाड़ी तैयार किए हैं। उनके जैसा कोच पंजाब में फिलहाल कोई नहीं है। इसके बावजूद उन्हें एक महीने का समय दिया गया, जिससे कोचिंग समुदाय में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। 2016 में आखिरी बार पंजाब खेल विभाग ने जूनियर कोचों की भर्ती की थी, लेकिन इसके बाद से कोचों की भर्ती में कोई सुधार नहीं हुआ। 2026 तक कोचों को एक्सटेंशन दी जानी थी पीआईएस ने अपने नोटिस में 2021 की एक पॉलिसी का हवाला दिया है, जिसके तहत कोचों को 2026 तक एक्सटेंशन दी जानी थी, लेकिन अब इस पॉलिसी पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसके अलावा, हरियाणा की तर्ज पर पंजाब में खेल नर्सरी खोलने का प्रस्ताव था, जिसके लिए कोचों की भर्ती की जानी थी। हालांकि, इस भर्ती प्रक्रिया में नियमों का पालन न होने पर हाईकोर्ट में केस दायर किया गया है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में देरी हो रही है। जूडो कोच राकेश ने भी पीआईएस द्वारा जारी भर्ती प्रक्रिया को सही ठहराया था, लेकिन उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया और इसके कारण भी स्पष्ट नहीं किए गए। यह स्थिति पंजाब के खेल जगत के लिए चिंता का कारण बन चुकी है।


