कांगड़ा जिले के धर्मशाला में शारदीय नवरात्रि की दुर्गा नवमी के अवसर पर बुधवार को मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही श्रद्धालु मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने लगे। इस दौरान सभी ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।धर्मशाला के प्रमुख कुणाल पथरी मंदिर में एसडीएम मोहित रत्न ने अपनी पत्नी के साथ पूजा-अर्चना की। कांगड़ा के सिद्ध पीठ श्री नंदीकेश्वर धाम चामुंडा मंदिर में विशेष आरती के बाद कन्याभोज का आयोजन किया गया।पूरे क्षेत्र में मां दुर्गा के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने आस्था से भरे माहौल में आरती की और विधि-विधान से कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन व भेंट प्रदान की। भंडारों से हुई कन्याभोज की शरुआत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह भंडारे भी आयोजित किए गए। इन भंडारों की शुरुआत कन्याभोज से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान माता रानी के जयकारों से माहौल गूंज उठा। कुणाल पथरी मंदिर से एक अनोखी मान्यता जुड़ी है। मंदिर में मां के कपाल के स्थान पर एक परातनुमा विशाल पत्थर है, जो वर्षभर पानी से भरा रहता है। श्रद्धालु इस जल को पूजा-अर्चना के साथ-साथ रोग निवारण के लिए भी अपने घर ले जाते हैं। मान्यता है कि जब भी इस पत्थर का जल स्तर घटने लगता है, तभी वर्षा होती है और यह पुनः भर जाता है। मंदिर के पुजारी के अनुसार, यह स्थल धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास है कि मां कुणाल पथरी हर मन्नत पूरी करती हैं।


