नूंह जिले राजस्थान बॉर्डर के गांव मुंडाका में पुलिस चौकी स्थापित करने की मांग सरपंच प्रतिनिधि रामकिशोर सैनी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष रखी। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात कर बताया कि क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर अपराधी राजस्थान बॉर्डर से भाग निकलते हैं। ऐसे में मुंडाका बॉर्डर पर पुलिस चौकी की स्थापना अति आवश्यक है। जिससे अपराधियों में खौफ रहने के साथ-साथ बॉर्डर का यह इलाका सेफ रहेगा। सरपंच की मांग पर जिला नूंह पुलिस अब जगह तलाश कर रही है। मुंडाका बॉर्डर पर हुई हिंसा के बाद लिया गया चौकी निर्माण का फेसला रामकिशोर सैनी ने कहा कि फिलहाल यहां केवल एक पुलिस नाका मौजूद है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। फिरोजपुर झिरका से मुंडाका की दूरी करीब 15 किलोमीटर है, जिसके चलते पुलिस के पहुंचने से पहले ही अपराधी वारदात कर सीमा पार कर जाते हैं। हाल ही में मुंडाका बॉर्डर पर हुई हिंसा में राजस्थान के कुछ लोग हरियाणा के अंतिम गांव तक पहुंचे और मारपीट कर भारी नुकसान पहुंचाया। इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस चौकी की स्थापना बेहद जरूरी है। सीएम ने दिया आश्वासन उन्होंने मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया कि नूंह जिला तीन ओर से राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सीमाओं से घिरा हुआ है, जिस कारण अपराधियों को यहां से भागने का आसान रास्ता मिल जाता है। यही नहीं अरावली की पहाड़ियों की भौगोलिक दृष्टि का फायदा भी राजस्थान के अपराधी उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आश्वासन दिया कि मांग को प्राथमिकता पर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान सरपंच प्रतिनिधि ने क्षेत्र के फिरोजपुर झिरका में पार्क निर्माण, ओपन जिम और अन्य विकास कार्यों से संबंधित समस्याओं को भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। हालांकि अभी चौकी के लिए पुलिस को जगह नहीं मिली है। सरपंच ने कहा कि उन्होंने हाल ही में एसपी नूंह से मुलाकात कर चौकी को जल्द से जल्द बनाने की मांग की है।


