चित्तौड़गढ़ म्यूजियम का अपग्रेडेशन अधर में, बजट का इंतजार:वर्क आर्डर जारी होने के बाद भी शुरू नहीं हुआ काम, मीरा बाई और पन्ना धाय की गैलरी भी बंद

चित्तौड़गढ़ दुर्ग स्थित म्यूजियम को अपग्रेड करने के लिए साल 2024-25 में बजट की घोषणा की गई थी। सरकार ने यह घोषणा बड़े उत्साह के साथ की थी और इसके लिए वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया गया। अपग्रेडेशन का काम आमेर विकास प्राधिकरण प्रबंधन को सौंपा गया। लेकिन हैरानी की बात यह है कि घोषणा हुए डेढ़ साल बीत जाने के बावजूद भी राज्य सरकार की ओर से बजट की राशि विभागों तक नहीं पहुंची। यही कारण है कि काम शुरू ही नहीं हो पाया। साल 2019 में भी हुआ था नवीनीकरण का काम फतेह प्रकाश महल कई वर्षों से म्यूजियम के रूप में संचालित हो रहा है। यहां पहले भी नवीनीकरण का काम हो चुका है। साल 2019 में म्यूजियम को नया स्वरूप देने का काम हुआ और वसुंधरा राजे सरकार के कार्यकाल में भी इसे सुधारने के लिए करीब 6 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। तब यहां मीरा बाई, पन्ना धाय और पूर्व राजघराने के इतिहास से जुड़ी दीर्घाएं बनाई गई थीं। इन प्रयासों से पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी भी हुई थी। लेकिन स्टाफ की कमी के चलते वे दीर्घाएं आज भी पूरी तरह आमजन के लिए खुली नहीं हैं। दो हिस्सों में होगा अपग्रेडेशन इस बार म्यूजियम को दो हिस्सों में अपग्रेड करने की योजना बनाई गई है। पहला हिस्सा सिविल कार्यों से जुड़ा है, जिसमें महिला और पुरुष शौचालयों का निर्माण, नई गैलरी की स्थापना, पाषाण प्रतिमाओं को बाहर डिस्प्ले करने के लिए पेडेस्टल तैयार करना, विवरण पट्टिकाएं लगाना और लघु चित्रकला प्रदर्शित करने की नई जगहें बनाना शामिल है। दूसरा हिस्सा इलेक्ट्रॉनिक कार्यों से जुड़ा है। इसमें वाटर कूलर की व्यवस्था, फसाड लाइटिंग, स्पॉट लाइटिंग, मिक्सर लाइटिंग और दीवारों पर मीनाकारी का काम शामिल है। इन बदलावों के बाद म्यूजियम का स्वरूप और आकर्षक होने की उम्मीद है। अभी तक नहीं मिला बजट, फर्म ने भी शुरू नहीं किया काम आमेर विकास प्राधिकरण प्रबंधन को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है, लेकिन बजट आवंटन न होने के कारण फर्म ने अब तक काम शुरू नहीं किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार समय पर राशि उपलब्ध करा देती तो यह काम काफी पहले शुरू हो चुका होता और अब तक पर्यटक नए स्वरूप में म्यूजियम देख रहे होते। म्यूजियम बंद रहेगा 2-3 महीने, अक्टूबर से काम शुरू होने का अनुमान जानकारी के अनुसार, जैसे ही बजट मिलेगा और काम शुरू होगा, म्यूजियम को करीब 2 से 3 महीने तक बंद रखना पड़ेगा। अनुमान है कि काम अक्टूबर माह से शुरू हो सकता है। उस दौरान पर्यटक म्यूजियम नहीं देख पाएंगे। हालांकि, इस असुविधा के बावजूद उम्मीद की जा रही है कि नवीनीकरण पूरा होने के बाद म्यूजियम और ज्यादा आकर्षक रूप में सामने आएगा। स्टाफ की कमी बड़ी समस्या, पर्यटकों को आधे म्यूजियम घूमकर जाना पड़ता है फतेह प्रकाश महल म्यूजियम का सबसे बड़ा संकट स्टाफ की कमी है। यहां टिकट लेकर आने वाले पर्यटक म्यूजियम का पूरा अनुभव नहीं ले पाते। जहां पूरे म्यूजियम को अच्छे से देखने और समझने में कम से कम एक घंटा लगना चाहिए, वहीं स्टाफ और गाइड की कमी के कारण पर्यटक सिर्फ 15-20 मिनट में ही घूमकर लौट जाते हैं। मीराबाई और पन्ना धाय जैसी ऐतिहासिक विभूतियों पर आधारित गैलरी होने के बावजूद भी पर्यटकों को इनसे जुड़ी जानकारी नहीं मिल पाती। यही वजह है कि पर्यटक निराश होकर लौटते हैं। पर्यटकों की उम्मीदें लेकिन अनुभव नहीं ले पाते चित्तौड़गढ़ किला यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। यहां हर साल लाखों पर्यटक देश-विदेश से आते हैं। किले के भीतर स्थित फतेह प्रकाश महल भी पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण है। पर्यटक उम्मीद लेकर यहां आते हैं कि उन्हें इतिहास, कला और संस्कृति की अनमोल झलक मिलेगी। लेकिन अधूरी व्यवस्थाओं और लंबित कामों के कारण उन्हें पूरा अनुभव नहीं मिल पाता।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *