दो बार कटा रावण का सिर, फिर हुआ वध:शाजापुर में 71 फीट का दशानन और 31-31 फीट का मेघनाद और कुंभकर्ण का पुतला जला

शाजापुर में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जयकारों के साथ रावण दहन किया गया। नगरवासियों ने आकर्षक आतिशबाजी का भी आनंद लिया। दशहरा पर्व पर कृष्ण व्यायामशाला से एक भव्य चल-समारोह निकाला गया। शाम करीब 4:30 बजे शुरू हुआ यह समारोह नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। राम भक्तों के जत्थे का जगह-जगह पुष्पहारों से स्वागत किया गया। समिति सदस्यों ने शमी पूजन किया। इसके बाद शहरवासियों ने मनमोहक आतिशबाजी का लुत्फ उठाया। आतिशबाजी के बाद भगवान श्रीराम बने पात्र ने रावण का वध किया। रावण के अंत होते ही स्टेडियम ग्राउंड ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा। इस वर्ष की आतिशबाजी विशेष रूप से आकर्षक रही, जिसने नगरवासियों का मन मोह लिया। भगवान श्रीराम और रावण के बीच युद्ध स्वरूप की गई आतिशबाजी की लोगों ने जमकर सराहना की। समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने आतिशबाजी के लिए विशेष तैयारियां की थीं, जिसका परिणाम लोगों ने देखा। देखिए तस्वीरें नाभि में तीर मारा, तब उड़े प्राण सर्व हिन्दू उत्सव समिति अध्यक्ष पं. आशीष नागर द्वारा गठित समिति ने नगर वासियों के लिए दशहरा पर्व को आकर्षक और रोमांच से भर दिया। इस वर्ष 31-31 फीट के मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले का निर्माण करने के साथ ही चलित रावण के पुतले का भी निर्माण किया गया था, जिसका सिर प्रभु श्री राम के बाण से दो बार कटा। जिसे देख लोगों के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा। अंत में प्रभु श्री राम ने रावण की नाभि में तीर मारकर रावण का वध किया। इस आयोजन में शामिल हुए लोगों ने आयोजन की खूब प्रशंसा की।

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